Indus Water Treaty : प्यासा मर रहा पाकिस्तान, पानी दे दो हिंदुस्तान! पाक ने 4 चिट्‌ठी लिखी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 07 Jun 2025 7:45 AM

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Indus Waters Treaty (File Photo)

Indus Water Treaty : पाकिस्तान सिंधु जल संधि बहाल करने की अपील करते हुए भारत को अब तक चार पत्र भेज चुका है. इन पत्रों में पानी देने की गुहार लगाई गई है. चार में से एक चिट्‌ठी भारत में हुए ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भेजी गई थी. इससे पता चलता है कि पाकिस्तान जल संकट से जूझ रहा है.

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Indus Water Treaty : पाकिस्तान पानी के लिए तरस रहा है. इसका पता उसके द्वारा लिखे गए पत्र से चलता है. खबर है कि पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि बहाल करने को लेकर अब तक भारत को चार पत्र भेजे हैं. NDTV ने अपने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक पत्र ऑपरेशन सिंदूर के बाद भेजा गया था. सूत्रों के मुताबिक, ये चारों पत्र पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सैयद अली मुर्तजा ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को लिखा. इन पत्रों को बाद में विदेश मंत्रालय (MEA) को सौंप दिया गया.

पाकिस्तान में जल संकट मंडराया

22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था, जिसे अब ‘सिंधु जल संधि स्थगन’ कहा जा रहा है. इसके तहत सिंधु वाटर सिस्टम की 3 पूर्वी नदियों का पानी भारत यूज कर सकता है और बाकी 3 पश्चिमी नदियों के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार दिया गया था. अब जल संधि स्थगित होने से पाकिस्तान में जल संकट मंडराता नजर आ रहा है. 

खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते : भारत

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान गंभीर जल संकट से जूझ रहा है और इससे निपटने के लिए हताश नजर आ रहा है. भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंक और व्यापार, खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. सिंधु जल संधि आपसी सद्भावना के लिए बनाई गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर इसकी मूल भावना को कमजोर किया है.

सिंधु जल समझौता क्या है?

1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से पहले ही पंजाब और सिंध के बीच नदियों के जल बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया था. इसके बाद 1951 से 1960 तक भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में लगातार बातचीत चलती रही. अंततः 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इस समझौते को ही इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि के नाम से जाना जाता है.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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