India China Face off : हमारी सेना के जवानों को एक्शन लेने की पूरी छूट, बोले PM मोदी
Author : Rajneesh Anand Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Jun 2020 10:04 PM
India-China border dispute PM Modi all-party meeting : भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव और गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलायी है. इस बैठक में देश की सभी बड़ी पार्टियां शामिल हो रही हैं. कांग्रेस की तरफ से बैठक में सोनिया गांधी शामिल होंगी. इस बैठक का उद्देश्य देश के सामने मौजूद इस संकट की घड़ी में विपक्ष की राय लेना और पूरे देश को एकमत करना है. सोमवार को गलवान घाटी में दोनों देशों की सेना के बीच झड़प हुई थी, जिसमें सेना के 20 लोग शहीद हुए थे वहीं चीन को भी नुकसान हुआ था. चीन के साथ हुई झड़प में भारतीय सेना के जो लोग शहीद हुए हैं उनके परिवार के प्रति अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने संवेदना व्यक्त की है. इस बैठक में 20 पार्टियों को आमंत्रित किया गया है. सिर्फ उन राष्ट्रीय दलों को ही न्योता दिया गया है, जिनके लोकसभा में पांच से अधिक सांसद हैं.
हमारी पोस्ट पर किसी का कब्जा नहीं, सैनिकों ने दुश्मन को सबक सिखाया, सर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी
लद्दाख सीमा पर हुए खूनी झड़प पर हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों को आश्वस्त किया कि न वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे (चीन) के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गये. कोई भी एक्शन लेने के लिए सेना के जवानों को पूरी छूट है.
सोनिया ने कहा माउंटेन स्ट्राइक कोर की स्थिति पर नियमित रूप से मिले जानकारी
सोनिया गांधी ने सभी दलों से पीएम से मुलाकात की एवं उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आश्वासन की जरूरत है कि यथास्थिति बहाल की जाए. सोनिया ने ये भी पूछा कि माउंटेन स्ट्राइक कोर की वर्तमान स्थिति के बारे में विपक्षी दलों को नियमित रूप से जानकारी दी जानी चाहिए.
लद्दाख में शहीद हुए सैनिकों के दी गई श्रद्धांजलि
पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एफएम सीतारमण, ईएएम और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सर्वदलीय बैठक में मौजूद हैं. पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई.
पीएम मोदी की सर्वदलीय बैठक शुरू
भारत-चीन सीमा स्थिति पर चर्चा के लिए पीएम मोदी की सर्वदलीय बैठक शुरू, बैठक में 20 दल शामिल हुए.
भारत-चीन सीमा विवाद पर देश के साथ खड़े हैं : केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम भारत-चीन सीमा विवाद में देश के साथ खड़े हैं. हमारी यह मांग है कि चीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये. आम आदमी पार्टी को सर्वदलीय बैठक में नहीं बुलाया गया है, लेकिन वे देश के साथ खड़े हैं.
पीएम मोदी की सर्वदलीय बैठक होगी वर्चुअल
भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव और गतिरोध के बीच पीएम मोदी ने 20 पार्टियों की वर्चुअल बैठक बुलायी है, जिसमें सोनिया गांधी भी शामिल हो रही हैं. वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने बैठक में नहीं बुलाने पर आपत्ति भी जतायी है.
PM मोदी की सर्वदलीय बैठक में राजद को आमंत्रण नहीं, तेजस्वी यादव ने केंद्र से पूछा यह सवाल…
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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