'राजनीतिक लेक्चर से करें परहेज', जानें IIT बॉम्बे को क्यों जारी करना पड़ा ये दिशा-निर्देश
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Nov 2023 10:03 AM
IIT Bombay launches TARA app
विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. आरोपी छात्र को कक्षा छोड़ने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने सहयोग करने से इनकार कर दिया. जानें क्या है आईआईटी-बॉम्बे का मामला
आईआईटी-बॉम्बे एक खबर को लेकर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. दरअसल, लेक्चर को लेकर आईआईटी-बॉम्बे सुर्खियों में आया. यहां इजरायल-हमास युद्ध को लेकर विवादित बयान दिया गया. विवाद इतना बढ़ गया कि छात्रों के एक गुट ने एफआईआर तक की मांग की है. इस सबके बीच कॉलेज प्रबंधन ने अहम कदम उठाते हुए सेमिनार पर लगाम लगाने का फैसला लिया है. इसको लेकर एक अंतरिम दिशा-निर्देश जारी करने का काम किया गया है. इस दिशा-निर्देश में राजनीतिक डिबेट के लिए बाहरी वक्ताओं को आमंत्रित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिया गया है और कहा गया है कि किसी को आमंत्रित करने से पहले समीक्षा समिति की अनुमति जरूरी होगी. यही नहीं, परिसर के अंदर बैठक की लिए पुलिस की अनुमति भी लेने की जरूरत आगे पड़ेगी. कार्यक्रम जब आयोजित होगा तो उसका वीडियो रिकॉर्डिंग कराया जाएगा. आईआईटी बॉम्बे के रजिस्ट्रार ने इसको लेकर अंतरिम आदेश जारी किया गया है.
संस्थान की छवि को पहुंचता है नुकसान
आईआईटी रजिस्ट्रार द्वारा जो बात कही गई है और दिशा-निर्देश जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि संस्थान शैक्षणिक विषयों पर स्वतंत्र और खुली चर्चा को लेकर सकारात्मक रहता है, लेकिन चर्चा को राजनीतिक नहीं बनाना चाहिए. इसलिए, यह जरूरी है कि हमारे छात्र, संकाय सदस्य और कर्मचारी इस विवाद से दूर रहें. इससे संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचता है.
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क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जो नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है वो पीएचडी छात्र ओंकार सुपेकर से जुड़ी घटना के बाद आया है. सुपेकर ने फिलिस्तीन की स्थिति पर एक व्याख्यान के बारे में पुलिस से शिकायत की थी. उन्होंने भाषण को भड़काऊ बताया था जिसके बाद इसकी चर्चा तेज हो गई थी. यहां चर्चा कर दें कि वार्ता का आयोजन मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा द्वारा किया गया था. इस दौरान सुधन्वा देशपांडे ने हमास और आतंकवाद का जिक्र किया था जिसको मोबाइल पर रिकॉर्ड किया गया था. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था जिसके बाद बवाल हो गया था. एक दक्षिणपंथी संगठन मामले के बाद विरोध प्रदर्शन करता नजर आया. साहा और देशपांडे की गिरफ्तारी की मांग तक की गई.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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