ePaper

आईआईटी बॉम्बे के छात्र ने हॉस्टल की सातवीं मंजिल से कूद कर दी जान, जातिगत भेदभाव का लग रहा आरोप

Updated at : 13 Feb 2023 11:02 PM (IST)
विज्ञापन
आईआईटी बॉम्बे के छात्र ने हॉस्टल की सातवीं मंजिल से कूद कर दी जान, जातिगत भेदभाव का लग रहा आरोप

पुलिस ने बताया कि छात्र दर्शन सोलंकी अहमदाबाद का रहने वाला था और बीटेक (केमिकल) पाठ्यक्रम का प्रथम वर्ष का छात्र था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि परिसर में जब सुरक्षा प्रहरियों ने युवक को खून से लथपथ पाया, तब यह घटना प्रकाश में आई.

विज्ञापन

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे में 18 वर्षीय एक छात्र ने रविवार को अपने हॉस्टल की सातवीं मंजिल से कूद कर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है, लेकिन छात्र की मौत मामले ने एक अलग ही मोड़ ले लिया है. मौत के पीछे जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है.

छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया

पुलिस ने बताया कि छात्र दर्शन सोलंकी अहमदाबाद का रहने वाला था और बीटेक (केमिकल) पाठ्यक्रम का प्रथम वर्ष का छात्र था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि परिसर में जब सुरक्षा प्रहरियों ने युवक को खून से लथपथ पाया, तब यह घटना प्रकाश में आई. उन्होंने बताया कि मृतक ने कोई ‘सुसाइड नोटा’ नहीं छोड़ा है और प्रथम दृष्टया उसने छात्रावास भवन की सातवीं मंजिल से छलांग लगाई थी. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बुधन सांवत ने कहा, प्राथमिक सूचना के आधार पर, हमने दुर्घटनावश हुई मौत का एक मामला दर्ज किया है.

इस एंगल से जांच कर रही है पुलिस

पुलिस छात्र की मौत मामले पर कई एंगल से जांच कर रही है. जिसमें यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या छात्र किसी तरह के दबाव में था. उसको पढ़ाई को लेकर तनाव था.

छात्रों ने मौत मामले को जातिगत भेदभाव से जोड़ा, सोशल मीडिया पर बहस

APPSC (Ambedkar Periyar Phule Study Circle) ने छात्र दर्शन सोलंकी की मौत को लेकर ट्वीट किया और बहस छोड़ दिया है. ट्वीट में छात्र की मौत को जातिगत भेदभाव से जोड़ा गया. ट्वीट में लिखा गया, 18 वर्षीय दलित छात्र दर्शन सोलंकी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, जो 3 महीने पहले अपने बीटेक के लिए आईआईटी बॉम्बे में शामिल हुए थे. हमें यह समझना चाहिए कि यह एक व्यक्तिगत नहीं है /व्यक्तिगत मुद्दा, लेकिन एक संस्थागत हत्या.

दलित छात्रों के साथ भेदभाव का लग रहा आरोप

APPSC ने अपने ट्वीट में लिखा, शिकायतों के बावजूद संस्थान ने दलित बहुजन आदिवासी छात्रों के लिए परिसर को सुरक्षित बनाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. ट्वीट में दावा किया गया कि दलित छात्रों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है. यही नहीं छात्र की मौत मामले में एक के बाद एक कई ट्वीट किये जा रहे हैं. और रोहित वेमुला से इस केस को भी जोड़ा जा रहा है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola