Himachal Politics: सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हिमाचल के सभी 6 बागी विधायक, स्पीकर के फैसले को दी चुनौती

Supreme Court
Himachal politics: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उठा बवंडर अभी खत्म नहीं हुआ है. राज्यसभा चुनावों में ‘क्रॉस वोटिंग’ के बाद अयोग्य घोषित किये गए हिमाचल प्रदेश के छह विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
पिछले दिनों विधानसभा में कटौती प्रस्ताव और वित्त विधेयक पर मतदान से अनुपस्थित रहने को लेकर स्पीकर ने सदन से सभी 6 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था. सभी बागी विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग किया था, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को करारी हार का सामना करना पड़ा था.
Himachal Politics: कांग्रेस के बागी विधायक राजेंद्र राणा का दावा सुक्खू की कार्यशैली से घुटन महसूस कर रहे
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के बागी विधायक राजेंद्र राणा ने शनिवार को दावा किया था कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से घुटन महसूस कर रहे पार्टी के नौ और विधायक उनके संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के छह, और तीन निर्दलीय विधायकों के अलावा पार्टी के नौ और विधायक हमारे संपर्क में हैं.
Himachal Politics: क्रॉस वोटिंग के चलते राज्य सभा चुनाव में बीजेपी को मिली थी जीत
हिमाचल से राज्यसभा के लिए हुए एकमात्र सीट पर चुनाव में भाजपा ने 25 विधायकों के साथ अल्पमत में रहने के बावजूद मंगलवार को जीत दर्ज की. कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों को 34-34 वोट मिले थे. बाद में पर्ची के आधार पर जीत का फैसला किया गया. राज्यसभा चुनावों में हुई ‘क्रॉस-वोटिंग’ का बचाव करते हुए राणा ने कहा, हम विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर चुकीं आशा कुमारी, रामलाल ठाकुर और कौल सिंह जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर एक बाहरी व्यक्ति अभिषेक मनु सिंघवी को (राज्यसभा चुनाव में हिमाचल से) टिकट दिये जाने से नाराज हैं.
मुख्यमंत्री सुक्खू का दावा उनकी सरकार पूरा करेगी पांच साल
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दावा किया, कांग्रेस के 80 प्रतिशत विधायक एकसाथ हैं और शेष लोग मामूली बातों को लेकर हमसे नाराज हैं. चीजों को स्पष्ट करना मेरी जिम्मेदारी है, इसलिए मैंने उनसे (अयोग्य घोषित किए गए कांग्रेस के छह विधायकों) चर्चा की है. बीजेपी के इस दावे के बारे में कि हिमाचल प्रदेश सरकार गिर सकती है, मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘क्रॉस वोटिंग’ के बाद उसके हौसले बुलंद हैं लेकिन इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा नहीं होगी.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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