स्वास्थ्य पर खर्च करने में अमेरिका, चीन, रूस से काफी पीछे है भारत, पाकिस्तान रेस से बाहर

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भारत का स्वास्थ्य बजट, फोटो पीटीआई

Health Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 53,50,000 करोड़ का बजट पेश किया. जिसमें पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया. भारत का स्वास्थ्य बजट अन्य देशों खासकर अमेरिका, रूस, चीन और पाकिस्तान की तूलना में कहां पर खड़ा है. इस खबर में हम जानने की कोशिश करेंगे.

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Health Budget: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2026-27 के बजट में कुल 106530.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. 2025-26 के बजट के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है. भारत अपने जीडीपी का करीब 3.3 प्रतिशत स्वास्थ्य पर खर्च करता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि स्वास्थ्य पर सबसे अधिक खर्च करने वाला देश अमेरिका है. जो अपने जीडीपी का करीब 16 से 17 प्रतिशत खर्च करता है. चीन और रूस भी पीछे नहीं है. रूस स्वास्थ्य पर जीडीपी का करीब 5.3 प्रतिशत खर्च करता है. वहीं चीन करीब 5 प्रतिशत खर्च करता है.

स्वास्थ्य पर पाकिस्तान सबसे कम खर्च करता है

स्वास्थ्य पर खर्च करने के मामले में पाकिस्तान, अमेरिका, रूस और चीन के करीब भी नहीं है. भारत के सामने भी खड़ा नहीं होता है. पाकिस्तान जीडीपी के करीब 1 प्रतिशत या उससे भी कम खर्च करता है. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने 2025-26 में स्वास्थ्य के लिए 46.10 अरब रुपये का बजट पेश किया था. जो 2024-25 में 54.87 अरब रुपये था.

भारत सरकार ने स्वास्थ्य के किन-किन क्षेत्रों को कितना पैसा आवंटित है.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को 1,01,709.21 करोड़ रुपये.
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को 4,821.21 करोड़ रुपये.
एएचपी योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2025-26 में 37100.07 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 39,390 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए आवंटन 8,995 करोड़ से बढ़ाकर 9,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
राष्ट्रीय दूर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए 51 करोड़ रुपये का आवंटन.
राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए 350 करोड़ रुपये दिए गए.
नई दिल्ली एम्स AIIMS के लिए 5500.92 करोड़ रुपये का आवंटन.
ICMR के लिए 4821.21 करोड़ रुपये.
तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने का प्रस्ताव.
अगले पांच साल में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव.
17 कैंसर की दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम होगी. जिससे इलाज सस्ता होगा.
5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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