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Hathras Stampede: एसआईटी ने सौंपी 300 पन्नों की रिपोर्ट, आयोजन समिति और प्रशासन पर उठ रहे सवाल

Updated at : 09 Jul 2024 8:48 AM (IST)
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Hathras Stampede: एसआईटी ने सौंपी 300 पन्नों की रिपोर्ट, आयोजन समिति और प्रशासन पर उठ रहे सवाल

Hathras Stampede

Hathras Stampede: एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाथरस में आयोजित सत्संग में प्रशासन की ओर से 80 हजार लोगों को आने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसमें दो लाख से अधिक लोग बाबा का सत्संग सुनने के लिए उपस्थित हुए. ऐसे में प्रशासन और आयोजन कमेटी सवालों के घेरे में है.

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Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में पिछली 2 जुलाई 2024 को एक सत्संग के दौरान हुई भगदड़ के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इस हादसे में करीब 121 लोगों की जान चली गई. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2 जुलाई को साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ के बाद 121 लोगों की मौत हो गई थी. अपनी रिपोर्ट में आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए गए हैं. इस रिपोर्ट को सौंपे जाने के बाद प्रदेश में राजनीति गरमा गई है.

एसआईटी की रिपोर्ट में बाबा का नाम नहीं

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हाथरस में सत्संग का आयोजन कराने वाली समिति की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. इसके साथ ही, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए हैं. मीडिया की रिपोर्ट की मानें, तो एसआईटी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में सत्संग करने वाले बाबा का नाम नहीं है. मीडिया की रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि जांच के दौरान एसआईटी ने पीड़ित परिवार के करीब 119 लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं. हाथरस हादसे की जांच करने वाली टीम में एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ और अलीगढ़ कमिश्नर चैत्रा वी भी शामिल थीं.

सत्संग में 80 हजार को शामिल होने की थी अनुमति, आए 2 लाख

एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाथरस में आयोजित सत्संग में प्रशासन की ओर से 80 हजार लोगों को आने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसमें दो लाख से अधिक लोग बाबा का सत्संग सुनने के लिए उपस्थित हुए. ऐसे में प्रशासन और आयोजन कमेटी सवालों के घेरे में है. सूत्रों के हवाले से मीडिया में आ रही खबर के अनुसार, रिपोर्ट में सत्संग का आयोजन करने वाली कमेटी के द्वारा अनुमति से अधिक लोगों के बुलाने, बदइंतजामी के साथ-साथ अनुमति देने के बावजूद मौके पर अफसरों की ओर से मुआयना नहीं करने को घटना का जिम्मेदार बताया गया है. एसआईटी ने हाथरस भगदड़ मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है.

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हाथरस भगदड़ में गई 121 लोगों की जान

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दो जुलाई को आयोजित सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई. इस भगदड़ में मरने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल थीं. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा, छह और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. ये सभी आरोपी सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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