गुजरात: अंबाजी मंदिर में लाइव दिखेगी चढ़ावे की गिनती; तीसरी आंख की रहेगी नजर

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गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर, फोटो एक्स

गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर, फोटो एक्स

Gujarat Ambaji Temple Donation: गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में चढ़ावे की गिनती को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन ने एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है. इसके तहत अब मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की गिनती का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किया जाएगा.

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Gujarat Ambaji Temple Donation: यह फैसला सोशल मीडिया पर मंदिर के खजाना कक्ष का एक सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद लिया गया है. यह घटना इसी साल मई महीने की है, जब मंदिर के खजाने से एक आउटसोर्स कर्मचारी चिराग ठाकोर ने दान में मिले नोटों की गिनती के दौरान कथित तौर पर 1 लाख रुपये की एक गड्डी चुराने की कोशिश की थी. जब ठाकोर वॉशरूम जाने के बहाने कमरे से बाहर निकल रहा था, तो उसकी जेब से नोटों की गड्डी नीचे गिर गई. इससे वहां मौजूद अन्य कर्मचारी सतर्क हो गए. जांच आगे बढ़ी तो इसमें दो अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई. मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया था.

नई एसओपी (SOP) की मुख्य बातें

खुले चौक पर लाइव टेलीकास्ट: चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण पहाड़ी पर स्थित मंदिर परिसर के बाहर खुले प्रांगण यानी 'चाचर चौक' पर लगी एक बड़ी एलईडी स्क्रीन पर किया जाएगा. अब श्रद्धालु खुद अपनी आंखों से गिनती देख सकेंगे.

20+ कैमरों की नजर और 6 महीने का बैकअप: पूरी प्रक्रिया पर 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी. किसी भी गड़बड़ी की जांच के लिए इस फुटेज को छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा.

बिना जेब वाले कपड़े और मेटल डिटेक्टर टेस्ट: गिनती कक्ष में जाने से पहले सभी कर्मचारियों की पुलिस की मौजूदगी में 'मेटल डिटेक्टर' से गहन तलाशी ली जाएगी. कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान बड़ी जेब वाले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं होगी.

दोहरे चरण की तलाशी: गिनती का काम पूरा होने के बाद, परिसर से बाहर निकलने से पहले सभी कर्मचारियों की पुलिस द्वारा एक बार फिर से सघन तलाशी ली जाएगी.

प्रशासन की अपील

कलेक्टर मिहिर पटेल ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह पुराना (मई महीने का) है और ट्रस्ट उस पर बहुत पहले ही सख्त कार्रवाई कर चुका है. उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि नई एसओपी लागू होने के बाद अब मंदिर के खजाने और चढ़ावे की सुरक्षा पूरी तरह पुख्ता है.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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