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'...तो उसी तरह से भुगतना पड़ेगा जैसे 70 सालों में भुगतना पड़ा', राज्यसभा में बोलीं निर्मला सीतारमण

Updated at : 11 Feb 2022 11:14 AM (IST)
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'...तो उसी तरह से भुगतना पड़ेगा जैसे 70 सालों में भुगतना पड़ा', राज्यसभा में बोलीं निर्मला सीतारमण

राज्यसभा में वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यदि हमारे पास भारत की आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर कोई विजन नहीं होगा तो हमें उसी तरह से भुगतना पड़ेगा जैसे हमें 70 सालों में भुगतना पड़ा.

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को राज्यसभा में केंद्रीय बजट (Budget 2022) पर चर्चा का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि इस बजट में तकनीक को प्राथमिकता देने का काम किया गया है, इसका एक उदाहरण कृषि में सुधार करने और उसको मॉडर्न बनाने के लिए ड्रोन को लाना है. स्टॉर्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, हमने देखा कि देश में जिस मजबूती के साथ स्टॉर्टअप आ रहे हैं ऐसा विश्व में ऐसा कहीं नहीं हुआ.

जैसे हमें 70 सालों में भुगतना पड़ा

राज्यसभा में वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यदि हमारे पास भारत की आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर कोई विजन नहीं होगा तो हमें उसी तरह से भुगतना पड़ेगा जैसे हमें 70 सालों में भुगतना पड़ा. कांग्रेस पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि 70 सालों में एक परिवार को बनाने, उसका समर्थन करने और उसको फायदा पहुंचाने के अलावा देश में और कोई विजन नहीं था.


बजट में स्थिरता की बात

राज्यसभा में वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट स्थिरता की बात करता है, इस बजट में पिछले साल की कुछ योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है और वो योजनाएं आने वाले 25 सालों में हमारा मार्गदर्शन करेंगी.

महामारी की वजह से जीडीपी में 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि इस महामारी की वजह से जीडीपी में 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ लेकिन सप्लाई साइड में हुए अवरोध के बावजूद भी भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति अब 6.2% है.

आम बजट में 100 साल के भारत को लेकर दूरदृष्टि

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आम बजट 2022-23 का महत्वपूर्ण उद्देश्य निरंतरता को बनाए रखना है और इससे अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी. उन्होंने कहा कि इस बजट में भारत के 100 वर्ष के होने को लेकर एक दूरदृष्टि है और इसके मद्देनजर सरकार का ध्यान विकास पर केंद्रित है. आने वाले 25 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं.

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उन्होंने कहा कि भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ में कहां होगा, यदि इसके बारे में एक दूरदृष्टि नहीं होगी तो हमें उसका खामियाजा ठीक उसी तरह भुगतना होगा, जैसा हमने पहले 70 सालों में उठाया…और इनमें से 65 साल कांग्रेस ने शासन किया…उस कांग्रेस ने, जिसके पास कोई दूरदृष्टि नहीं थी सिवाय एक परिवार को फायदा पहुंचाने के.”

Posted By : Amitabh Kumar

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