दिल्ली की सीमाओं पर अब भी डटे हैं किसान यूनियन, हरियाणा के डिप्टी सीएम ने दोबारा वार्ता करने के लिए पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Apr 2021 2:32 PM
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा है कि आंदोलनकारी किसानों से तीन-चार केंद्रीय मंत्रियों की समिति बनाकर दोबारा बातचीत शुरू की जाए. उन्होंने लिखा कि किसान का आंदोलन का लंबा खिंचना चिंता का विषय बना हुआ है. बातचीत से हर समस्या का हल निकालना संभव है. किसानों की मांगों पर सौहार्दपूर्ण समाधान होना चाहिए.
नई दिल्ली/चंडीगढ़ : केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान यूनियनों के नेता दिल्ली की सीमाओं पर अब भी डटे हुए हैं. दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर जारी है. इस महामारी के दौरान किसानों के आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन उसका कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला. अब हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए चिट्ठी लिखी है.
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा है कि आंदोलनकारी किसानों से तीन-चार केंद्रीय मंत्रियों की समिति बनाकर दोबारा बातचीत शुरू की जाए. उन्होंने लिखा कि किसान का आंदोलन का लंबा खिंचना चिंता का विषय बना हुआ है. बातचीत से हर समस्या का हल निकालना संभव है. किसानों की मांगों पर सौहार्दपूर्ण समाधान होना चाहिए. उप-मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी को गेहूं खरीद को लेकर जानकारी भी दी है. उन्होंने लिखा है कि रबी की छह फसलों को हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही खरीदा जा रहा है.
उप-मुख्यमंत्री के पहले हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने भी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को पत्र लिखकर कोरोना के मद्देनजर नए सिरेसे आंदोलनकारी किसानों से दोबारा बातचीत शुरू करने की बात कही थी. रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखे पत्र में विज ने लिखा था कि आंदोलन पर बैठे किसानों से एक बार फिर बातचीत शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़े मामलों के बीच उन्हें किसानों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है. आंदोलन में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो पा रहा है.
बता दें कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर देश के किसान अगस्त 2020 से ही आंदोलनरत हैं. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली की सीमाओं पर लंबे अरसे से डटे हुए हैं. इस दौरान किसानों ने 26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर रैली भी निकालकर सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया. हालांकि, इस रैली के दौरान हिंसा हो जाने की वजह से यह विवादों में भी घिर गया. इस बीच, किसानों के आंदोलन को समाप्त कराने के लिए सरकार और किसान यूनियनों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन वह भी बेनतीजा ही रही.
Posted by : Vishwat Sen
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










