Faiz-e-Elahi Masjid : 30 पत्थरबाजों की पहचान, समाजवादी पार्टी के सांसद पुलिस के निशाने पर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Jan 2026 9:25 AM
फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी (Photo: PTI)
Faiz-e-Elahi Masjid : दिल्ली के तुर्कमान गेट में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद 18वीं सदी की ऐतिहासिक धरोहर है. मस्जिद और आसपास की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बवाल हुआ. इसके बाद पुलिस कार्रवाई कर रही है.
Faiz-e-Elahi Masjid : फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस ने 30 लोगों की पहचान की है. पुलिस ने यह पहचान सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर की है. आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. पत्थरबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजेगी. न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के अनुसार, हिंसा से पहले वह मौके पर मौजूद थे और वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद आसपास बने रहे.
Delhi | Stone pelting near Faiz-e-Elahi Masjid case | Delhi Police will send a summon to Samajwadi Party MP Mohibbullah Nadvi to join the investigation. Mohibbullah Nadvi was present at the spot before the violence. Despite repeated requests by senior Delhi Police officials, he…
— ANI (@ANI) January 8, 2026
इस बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद तुर्कमान गेट स्थित फ़ैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. इस दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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नहीं मिला स्वामित्व का दावा
एमसीडी ने कहा है कि उसने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण यह पता चलने के बाद हटाया कि वहां भूमि का एक छोटा सा हिस्सा ही 1940 के पट्टे के तहत था, जिसके अलावा अन्य जमीन में किसी का स्वामित्व नहीं पाया गया. निगम ने एक बयान में कहा कि 1940 के पट्टे के विलेख में केवल 0.195 एकड़ भूमि शामिल थी, जिसमें एक चबूतरे वाला टिन शेड, एक हुजरा (कमरा) और एक कब्रिस्तान स्थित था.
बयान में कहा गया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद रामलीला मैदान में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया, जिसमें 36,000 वर्ग फुट से अधिक अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि को खाली कराया गया. नगर निगम ने कहा कि पट्टा विलेख के तहत आने वाली भूमि के अलावा जमीन पर अपना स्वामित्व न तो दिल्ली वक्फ बोर्ड प्रस्तुत कर सका और न ही सैयद फैज इलाही प्रबंधन समिति पेश कर सकी.
Stone pelting near Faiz-e-Elahi Masjid case | Delhi Police identified 30 people in connection with the stone-pelting incident. Delhi Police identified them based on CCTV camera footage and viral videos. Police teams are conducting raids to take them into custody: Delhi Police
— ANI (@ANI) January 8, 2026
सर्वेक्षण में क्या पाया गया ?
सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 36,428 वर्ग फुट जमीन पर अतिक्रमण है, जिसमें एक बारातघर और एक निजी डायग्नोस्टिक केंद्र जैसी अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शामिल हैं. बयान के अनुसार, भारत सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) के तहत रामलीला ग्राउंड की लाइसेंसधारी एमसीडी ने एल एंड डीओ और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों के समन्वय से एक शिकायत के बाद संयुक्त सर्वेक्षण किया था. इसके बाद, अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में रिट याचिका (सिविल) दायर की गई. न्यायालय ने 12 नवंबर 2025 के अपने आदेश में प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद एमसीडी को तीन महीने के भीतर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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