Electoral Bond: एसबीआई ने बॉन्ड संख्या का खुलासा नहीं किया है, बैंक को नोटिस जारी किया जाए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Mar 2024 4:37 PM

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Supreme Court

Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड संख्या का खुलासा नहीं किये जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. जानें एसबीआई को कोर्ट ने क्या निर्देश दिया है.

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Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फिर सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने कहा कि एसबीआई ने बॉन्ड संख्या का खुलासा नहीं किया है. इसलिए बैंक को नोटिस जारी किया जाए. कोर्ट ने अपने पंजीयक (न्यायिक) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग द्वारा सीलबंद कवर में सौंपे गए आंकड़ों को स्कैन किया जाए. यही नहीं, उन्हें डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर काम किया जाए. प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने निर्वाचन आयोग की अर्जी पर सुनवाई की. इसमें चुनावी बॉन्ड मामले में कोर्ट के 11 मार्च के आदेश के एक हिस्से में संशोधन का अनुरोध किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आंकड़े स्कैन हो जाने और डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होने के बाद मूल दस्तावेज निर्वाचन आयोग को लौटा दिए जाएं. आपको बता दें कि शीर्ष कोर्ट के सख्त रुख के बाद बैंक ने आंकड़ा चुनाव आयोग को सौंपा था जिसे आयोग ने गुरुवार को जारी किया है.

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले डेटा को वापस करने के चुनाव आयोग के अनुरोध को अनुमति दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल यह सुनिश्चित करें कि दस्तावेजों को स्कैन और डिजिटल किया जाए. एक बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद मूल दस्तावेजों को चुनाव आयोग को वापस दे दिया जाएगा. वह इसे 17 मार्च को या उससे पहले वेबसाइट पर अपलोड करने का काम कर देगा.

वकील प्रशांत भूषण ने क्या कहा

मामले को लेकर वकील प्रशांत भूषण जानकारी दी कि कोर्ट ने बॉन्ड के विवरण के बारे में एसबीआई द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई जानकारी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इस जानकारी में चुनावी बॉन्ड की अल्फ़ान्यूमेरिक संख्या शामिल नहीं है, इसलिए उन्होंने पूरी जानकारी नहीं दी है. बॉन्ड खरीदने वाले लोगों के साथ-साथ बॉन्ड भुनाने वाले पक्ष को लेकर कोर्ट ने एसबीआई को नोटिस जारी किया है. इस मामले को सोमवार को सूचीबद्ध किया गया है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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