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Election Commission: चुनाव आयोग की ओर से झारखंड के बीएलओ पर्यवेक्षकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण 

Updated at : 19 May 2025 6:58 PM (IST)
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Election Commission: चुनाव आयोग की ओर से झारखंड के बीएलओ पर्यवेक्षकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण 

सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में झारखंड के फ्रंटलाइन चुनाव पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी(डीईओ), इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर(ईआरओ), बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड के लगभग 402 अधिकारी शिरकत कर रहे हैं.

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Election Commission: देश में चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में बूथ लेवल ऑफिसर(बीएलओ) का अहम योगदान होता है. हाल के दिनों में कई राजनीतिक दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाए गए हैं. हालांकि इस बाबत राजनीतिक दलों की ओर से कोई सबूत पेश नहीं किया गया है. इसके बावजूद चुनाव आयोग ने शिकायतों पर गंभीरता से विचार करते हुए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का फैसला लिया. इस कड़ी में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में झारखंड के फ्रंटलाइन चुनाव पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

इस कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी(डीईओ), इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर(ईआरओ), बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड के लगभग 402 अधिकारी शिरकत कर रहे हैं. पिछले तीन महीनों में चुनाव आयोग की ओर से देश भर के लगभग 3000 से अधिक ऐसे प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया है.

चुनाव से जुड़े कानून का सही तरीके से पालन करना है लक्ष्य


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यक्रम काे संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में मतदाताओं के नामांकन के दौरान जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और वे पूरे समर्पण से काम को अंजाम देने का काम करते हैं. लेकिन सभी को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24(ए) और 24(बी) के तहत प्रथम और द्वितीय अपील के प्रावधानों की जानकारी होनी चाहिए और इससे आम मतदाताओं को भी जागरूक करने का काम करना चाहिए. अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ पहली और दूसरी अपील जिला कलेक्टर, कार्यकारी मजिस्ट्रेट और राज्य, केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के पास की जा सकती है. 

सही मतदाता सूची सुनिश्चित करने के काम में लगे अधिकारियों को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम, 1961 और समय-समय पर ईसीआई द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र, रोल प्ले, घर-घर जाकर सर्वेक्षण, केस स्टडी और फॉर्म 6, 7 और 8 भरने के लिए व्यावहारिक अभ्यास शामिल हैं. साथ ही वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए) और आईटी टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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