ePaper

Edible Oil:खाने के तेल पर आयात सीमा शुल्क बढ़ाने का भारतीय किसान संघ ने किया स्वागत

Updated at : 14 Sep 2024 3:41 PM (IST)
विज्ञापन
Edible Oil:खाने के तेल पर आयात सीमा शुल्क बढ़ाने का भारतीय किसान संघ ने किया स्वागत

किसान संघ ने सरकार से तिलहन व दलहन में आत्मनिर्भरता की दृष्टि से किसान हित में दीर्घकालीन आयात निर्यात नीति बनाने की मांग रखी है, जिससे किसान उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रेरित होगा.

विज्ञापन

Edible Oil:देश में किसानों के सबसे बड़े संगठन भारतीय किसान संघ ने सरकार के कच्चे सोयाबीन तेल, पाम तेल व कच्चे सूरजमुखी तेल पर आयात सीमा शुल्क को शून्य प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के निर्णय का स्वागत किया है. मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक में सोयाबीन के कम दाम को लेकर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं. किसान संघ के प्रतिनिधि मंडल ने विगत मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी. जिसमें तिलहन में खाने के तेल पर आयात नीति में संशोधन कर सीमा शुल्क बढ़ाने की मांग का ज्ञापन पत्र दिया था, जिसे सरकार ने  मान लिया है. किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र की ओर से जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है कि सोयाबीन उत्पादक किसानों को बाजार में मिल रहे कम मूल्य को लेकर केंद्र सरकार के सोयाबीन उत्पादक किसानों के पक्ष में लिए इस किसान हितैषी निर्णय का भारतीय किसान संघ स्वागत करता है. मिश्र की ओर से कहा गया है कि किसान संघ ने सरकार से तिलहन व दलहन में आत्मनिर्भरता की दृष्टि से किसान हित में दीर्घकालीन आयात निर्यात नीति बनाने की मांग रखी है, जिससे किसान उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रेरित होगा.

और कई मांगे मानी जानी बाकी

 प्रतिनिधि मंडल ने कृषि मंत्री से कृषि लागत कम करने की दिशा में भी कार्य योजना व नीतियां बनाने की बात रखी. कृषि आदान सामग्री पर जीएसटी खत्म कर कृषि लागत कम करने की दृष्टि से सुझाव रखा. इसके साथ ही किसान संघ ने फसल बीमा, जीएम बीज, कृषि अनुसंधान का बजट बढ़ाने, किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी, हल्दी बोर्ड बनाने, कृषक उत्पादक समूह को सबल, गौ आधारित कृषि को बढ़ावा देने, किसान हितैषी बीज कानून बनाने की मांग भी रखी.

गौरतलब है कि देश के प्रमुख तेल उत्पादक राज्यों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक में किसान संघ के कार्यकर्ता सोयाबीन के दाम 6000 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इसके साथ ही सरकार ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों की बाजार में कम मूल्य की समस्या को लेकर एमएसपी पर सोयाबीन खरीदने की घोषणा की है. जिसे सरकार का अच्छा कदम बताया जा रहा है. खाने के तेल में आयात शुल्क में 20 प्रतिशत वृद्धि करने के सरकार के फैसले को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. आयात शुल्क में वृद्धि से बाजार में सोयाबीन के दामों में उछाल आने की संभावना है.

विज्ञापन
Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola