ED Raid : ‘फर्जी’ सरकारी नौकरी घोटाला मामले में बिहार–बंगाल समेत 6 राज्यों में ईडी का छापा, मचा हड़कंप
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Jan 2026 12:50 PM
बिहार और बंगाल में ईडी की छापेमारी (File Photo)
ED Raid : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को छापेमारी की. सरकारी नौकरियों में घोटाले के मामले में छह राज्यों में जांच एजेंसी ने छापेमारी की जिससे हड़कंप मच गया.
ED Raid : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘फर्जी’ सरकारी नौकरी घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत गुरुवार को छह राज्यों में 15 स्थानों पर छापेमारी की. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सरकारी नौकरियों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भेजने से जुड़े एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई. उन्होंने बताया कि एक संगठित गिरोह पर एजेंसी की नजर है. ईडी का पटना कार्यालय बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में तलाश अभियान चला रहा है.
अधिकारियों ने बताया कि शुरू में तो इस घोटाले का पता रेलवे के नाम पर चला, लेकिन गहन जांच में मालूम हुआ कि इसमें वन विभाग, आरआरबी (रेलवे भर्ती बोर्ड), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, कुछ उच्च न्यायालय, पीडब्ल्यूडी, बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण, राजस्थान सचिवालय और अन्य समेत 40 से अधिक सरकारी संगठन और विभाग शामिल हैं.
फर्जी ईमेल खातों का इस्तेमाल करके भेजे फर्जी नियुक्ति पत्र
एक अधिकारी ने बताया कि ईडी ने पाया कि गिरोह ने फर्जी ईमेल खातों का इस्तेमाल करके फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे. अभ्यर्थियों का विश्वास हासिल करने के लिए, गिरोह ने कुछ पीड़ितों को 2-3 महीने का शुरुआती वेतन दिया, जिन्हें धोखाधड़ी से आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), रेलवे टीटीई (यात्रा टिकट परीक्षक) और तकनीशियन आदि जैसे संगठनों में नियुक्त किया गया था.
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उन्होंने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल के एर्नाकुलम, पंडालम, अदूर और कोदुर, तमिलनाडु के चेन्नई, गुजरात के राजकोट और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, प्रयागराज तथा लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर तलाश अभियान चलाया जा रहा है.
यह बदले की राजनीति : ममता बनर्जी
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने टीएमसी के आईटी प्रमुख के आवास पर ईडी की छापेमारी पर कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी ने टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर पर छापेमारी की. क्या केंद्रीय गृह मंत्री का काम राजनीतिक दलों के आईटी प्रमुखों के आवासों पर छापा मारना है. यह कानून प्रवर्तन नहीं, बल्कि बदले की राजनीति है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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