ePaper

DY Chandrachud: 'सामान बांध लिया है, सरकारी आवास छोड़ दूंगा,' पूर्व CJI ने बताया, अब तक घर क्यों नहीं किया खाली?

Updated at : 07 Jul 2025 8:37 PM (IST)
विज्ञापन
Former CJI Chandrachud

Former CJI Chandrachud

DY Chandrachud: सरकारी आवास को लेकर जारी विवाद पर पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का बयान सामने आया है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वो बहुत जल्द आवास खाली कर देंगे.

विज्ञापन

DY Chandrachud: सरकारी आवास पर निर्धारित समय से अधिक समय तक रहने को लेकर उठे विवाद पर भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “सामान बांध लिया गया है. वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जल्द ही किराये पर सरकारी आवास में चले जाएंगे.” चंद्रचूड़, उनकी पत्नी कल्पना, बेटियां प्रियंका और माही पांच कृष्ण मेनन मार्ग, नयी दिल्ली स्थित प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के आधिकारिक आवास में रह रहे हैं. प्रियंका और माही दोनों दिव्यांग हैं.

अब तक सरकारी आवास क्यों नहीं किया खाली, पूर्व सीजेआई ने खोला राज

पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने बंगले में निर्धारित समय से अधिक वक्त तक रहने की वजह बतायी. उन्होंने कहा, “हमने वास्तव में अपना सामान बांध लिया है. हमारा सामान पहले ही पूरी तरह बांधा जा चुका है. कुछ सामान पहले ही नए घर में भेज दिया गया है और कुछ यहां भंडार कक्ष में रखा हुआ है.” आठ नवंबर, 2024 को कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए 50वें प्रधान न्यायाधीश, कथित रूप से अधिक समय तक रहने के कारण आधिकारिक बंगला खाली करने के लिए सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा केंद्र को भेजे गए पत्र का जवाब दे रहे थे.

पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने विवाद पर जताया दुख

पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने विवाद पर दुख जताया और अपनी बेटियों की चिकित्सा स्थिति का हवाला दिया, जिन्हें !‘व्हीलचेयर’ अनुकूल घर की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, “मैं आपको नहीं बताऊंगा कि मैं कैसा महसूस करता हूं, लेकिन आप कल्पना कर सकते हैं कि मैं इसके बारे में कैसा महसूस करता हूं… एक बात जो मैं बताना चाहता हूं वह यह है कि हम दो बच्चों, प्रियंका और माही, के माता-पिता हैं. वे विशेष बच्चे हैं और उनकी विशेष जरूरतें हैं. उन्हें ‘नेमालाइन मायोपैथी’ नामक एक बीमारी है… और आप जानते हैं, यह एक बहुत ही दुर्लभ आनुवंशिक विकार है जो हड्डियों से जुड़ी मांसपेशियों को प्रभावित करता है.” उन्होंने आगे कहा, “यहां तक ​​कि घर पर भी हम स्वच्छता और सफाई का उच्च स्तर बनाए रखते हैं और हमारे पास एक बहुत ही विशेषज्ञ नर्स है जो उनकी देखभाल करती हैं. तो अब यह शायद कुछ दिनों की बात है, या कुछ दिनों की नहीं, बल्कि शायद ज्यादा से ज्यादा कुछ हफ्तों की. जैसे ही वे मुझे बताएंगे कि घर रहने के लिए तैयार है, मैं वहां चला जाऊंगा.”

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola