DU: डीयू में एप्लीकेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ साइंसेज कोर्स हुआ शुरू

स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) द्वारा 'एप्लीकेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ साइंसेज' नाम से ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स चलाने का फैसला लिया है. इस कोर्स का शुभारंभ डीयू कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बुधवार को किया. कुलपति ने कोर्स का शुभारंभ करते हुए कहा कि भविष्य में हमें टेक्नोलोजी ओरिएंटेड़ डॉक्टरों की जरूरत है, इसलिए ऐसे कोर्स की बहुत आवश्यकता है.
DU: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. कृषि, स्वास्थ्य से लेकर रक्षा क्षेत्र में एआई तकनीक के कारण व्यापक बदलाव आ रहा है. स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) द्वारा ‘एप्लीकेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ साइंसेज’ नाम से ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स चलाने का फैसला लिया है. इस कोर्स का शुभारंभ डीयू कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बुधवार को किया. कुलपति ने कोर्स का शुभारंभ करते हुए कहा कि भविष्य में हमें टेक्नोलोजी ओरिएंटेड़ डॉक्टरों की जरूरत है, इसलिए ऐसे कोर्स की बहुत आवश्यकता है. ऑनलाइन के साथ-साथ ऐसे वीकेंड ऑफ लाइन कोर्स भी शुरू करने की तैयारी है.
कुलपति ने कहा कि जब कंप्यूटर का दौर आया तो ऐसी आशंका थी कि लोगों के रोजगार के अवसर कम होंगे. वैसे ही एआई को लेकर भी इसी तरह की आशंका व्यक्त की जा रही है. लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि एआई के कारण रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे. इस मौके पर डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर बलराम पाणी, डीन अकादमिक प्रोफेसर के रत्नावली, डीयू की रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के चेयरपर्सन प्रोफेसर दिनाबंधु साहू, कोर्स डायरेक्टर प्रोफेसर दमन सलूजा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
क्या है कोर्स की खासियत
डीयू की रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के तहत कोर्स का संचालन करेगा. इस कोर्स में आठ मॉड्यूल होगा और यह पूरी तरह 100 फीसदी ऑनलाइन मोड में होगा. कोर्स की अवधि 15 हफ्ते होगी. कोर्स में प्रति बैच 50 सीट आवंटित होगी. कोर्स के लिए सीएस, आईटी, इंजीनियरिंग, गणित, सांख्यिकी, लाइफ साइंसेज, हेल्थकेयर (एमबीबीएस, नर्सिंग, फार्मेसी) में बैचलर होना आवश्यक होगा. इस कोर्स का मकसद हेल्थ साइंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग को आगे बढ़ाना है.
ताकि मेडिकल एआई सिस्टम को डिजाइन करने, मूल्यांकन करने और व्याख्या करने में सक्षम बनाया जा सके. इसके साथ ही इंटरडिसिप्लिनरी समस्या-समाधान, नैतिक जागरूकता और अनुवाद संबंधी प्रभाव को बढ़ाना देना है. आने वाले समय में डीयू में एआई को लेकर ग्रेजुएट स्तर पर भी कोर्स संचालित करने की योजना है ताकि देश में एआई का बड़ा टैलेंट पूल तैयार किया जा सके.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




