बंकर में भी छिपे दुश्मन को मौत के घाट उतार देगी Rudram II, बढ़ाएगी इंडियन एयरफोर्स की ताकत
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 29 May 2024 5:50 PM
RudraM-II
RudraM-I: डीआरडीओ ने 29 मई को ओडिशा के तट से एयर-टू-सरफेस मिसाइल RudraM-II का सफल परीक्षण कर इतिहास रच डाला है.
RudraM-II: डीआरडीओ ने बुधवार को करीब 11:30 बजे भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सुखोई-30 एमके-आई प्लेटफॉर्म से रुद्रएम-II एयर-टू-सरफेस मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया.
फ्लाइट टेस्ट ने सभी ट्रायल ऑब्जेक्टिव पूरे किए
फ्लाइट टेस्ट ने प्रणोदन प्रणाली और नियंत्रण और गाइडलाइन एल्गोरिदम को पूरा किया. मिसाइल के प्रदर्शन को ऑन-बोर्ड जहाज सहित विभिन्न स्थानों पर आईटीआर चांदीपुर द्वारा तैनात इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम, रडार और टेलीमेट्री स्टेशनों जैसे रेंज ट्रैकिंग उपकरणों द्वारा कैप्चर किए गए.
Rudram-II की खासियत
Rudram-II के आ जाने से भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ गई है. यह मिसाइल हवाई पट्टी, बंकर और एयरक्राफ्ट हैंगर को उड़ाने में सक्षम है. मिसाइल 200 किलोग्राम पेलोड तक ले जाने में सक्षम है. अगर इस मिसाइल को 3 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई से छोड़ा जाता है तो इसका निशाना अचूक होता है. यानी दुश्मन का नामोनिशां मिट जाएगा. आबादी वाले इलाके में अगर इस मिसाइल से मार की जाए तो वह सिर्फ टार्गेट को ही निशाना बनाएगी. बाकी किसी को नुकसान नहीं होगा.
डीआरडीओ ने 1 मई को किया था सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो का सफल परीक्षण
डीआरडीओ ने इस महीने की शुरुआत में 1 मई को ओडिशा के तट पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल-आधारित कम भार वाली एक आयुध प्रणाली सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (स्मार्ट) का सफल परीक्षण किया था. प्रणाली को सुबह करीब आठ बजकर 30 मिनट पर भूमि सचल प्रक्षेपक से प्रक्षेपित किया गया. रक्षा अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षण में सममिति पृथक्करण, निकासी, वेग नियंत्रण जैसे कई अत्याधुनिक मानकों को भी परखा गया तथा नतीजे उत्साहवर्द्धक रहे.
क्या है स्मार्ट
अधिकारियों ने बताया, ‘स्मार्ट’ नई पीढ़ी की मिसाइल-आधारित कम भार वाली एक आयुध प्रणाली है, जिसमें एक हल्का टॉरपीडो लगाया जाता है और इस टॉरपीडो का इस्तेमाल पेलोड (मुखास्त्र) की तरह होता है. इसे भारतीय नौसेना की पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमता को कम वजन वाले हल्के ‘टॉरपीडो’ की पारंपरिक सीमा से कहीं अधिक बढ़ाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है. ‘सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो’ पैराशूट-आधारित रिलीज सुविधा के साथ पेलोड के रूप में उन्नत हल्के भार वाले टॉरपीडो को ले जाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










