School Holiday : किन राज्यों में 5 दिन बंद रह सकते हैं स्कूल, दिवाली में छुट्टी की भरमार
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Oct 2025 9:46 AM
दिवाली की छुट्टी कब है? जानें (Photo: AI)
School Holiday : दशहरा का त्योहार खत्म होने के बाद अब बच्चों को इंतजार है दिवाली की छुट्टियों का. अलग–अलग राज्य में दिवाली की छुट्टियों की तारीख अलग–अलग हो सकती है. आइए जानते हैं इन छुट्टियों के बारे में यहां.
School Holiday : कुछ दिन के बाद दिवाली का त्योहार आने वाला है. छात्रों और शिक्षकों के लिए इस त्योहार सीजन की सबसे खुशी की बात देशभर में घोषित लंबी छुट्टियां हैं. साल 2025 में पूरे भारत के स्कूल 18 अक्टूबर (धनतेरस) से 23 अक्टूबर (भाई दूज) तक लगातार 5 दिनों तक बंद रहेंगे. यह छुट्टी सभी को दीपावली के पारंपरिक त्योहार को मनाने का अवसर देगी.
यह 5 दिनों की छुट्टी बहुत सोच-समझकर तय की गई है, जिसमें धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार शामिल हैं. हालांकि, कुछ राज्यों के निर्देशों या स्कूलों के अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार छुट्टियों की तारीख अलग हो सकती है. इसलिए अभिभावक और विद्यार्थियों अपने स्कूल प्रबंधन से छुट्टियों की तारीख को लेकर बात कर लें ताकि किसी भ्रम की स्थिति न बने.
किस राज्य में कितने दिनों की छुट्टी?
उत्तरी और पश्चिमी भारत के अधिकतर स्कूल 5 दिवसीय छुट्टी प्लान का सख्ती से पालन करते हैं, जबकि दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में यह छुट्टी थोड़ी कम होती है. वहां के स्कूल अक्सर क्षेत्रीय प्रमुख त्योहारों के कारण छोटी छुट्टियां रखते हैं.
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5 दिनों तक दिवाली अवकाश मनाने वाले प्रमुख राज्य ये हैं:
दिल्ली
उत्तर प्रदेश
महाराष्ट्र
गुजरात
राजस्थान
पंजाब
हरियाणा
जिन राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां अलग-अलग (आमतौर पर 3-4 दिन) होती हैं:
तमिलनाडु
कर्नाटक
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
पश्चिम बंगाल (दुर्गा पूजा के महत्व के कारण)
असम
दिवाली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक भावना है जो लाखों लोगों को आशा, अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान के अलावा बुराई पर अच्छाई की विजय का मैसेज देती है. पारंपरिक रूप से 5 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव पूजा, अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरा होता है. दिवाली नए आरंभ, समृद्धि और खुशियों का प्रतीक है और यह परिवार और समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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