'Free Umar Khalid' पोस्टर पर बवाल, गोवा पुलिस ने 240 सवालों से खंगाली पूरी जानकारी

गोवा पुलिस का लोगो, गोल घेरे में प्रदर्शन की सांकेतिक तस्वीर
24 जुलाई को गोवा के मापुसा में एक प्रदर्शन हुआ. यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे NEET पेपर लीक विरोध के समर्थन में था. इसमें शामिल कम से कम दो सामाजिक कार्यकर्ताओं से गोवा पुलिस ने 240 सवालों वाली प्रश्नावली (सवालों की लिस्ट) भरवाई.
गोवा के द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं से पूछा गया कि 'Free Umar Khalid' का क्या मतलब है. यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने भाषण में सरकार की आलोचना की थी. साथ ही प्रदर्शन के लिए पैसा किसने दिया, इसकी भी जानकारी मांगी गई. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से यह बात सामने आई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के अगले दिन यानी शनिवार (25 जुलाई) शाम गोवा पुलिस ने पणजी के आजाद मैदान में 'Free Umar Khalid' लिखा पोस्टर लेकर पहुंचे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कम से कम दो लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया. एक को रविवार और दूसरे को सोमवार को तलब किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई 'सिटीजंस ऑफ मापुसा' नाम के एक स्थानीय संगठन की शिकायत के आधार पर की गई.
क्या सवाल किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों से?
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल लोगों से पुलिस ने 240 से ज्यादा सवालों वाली प्रश्नावली भी भरवाई. उनसे पूछा गया कि प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा था? क्या वे इस आंदोलन से जुड़े किसी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सिग्नल ग्रुप के सदस्य हैं? वे प्रदर्शन स्थल तक कैसे पहुंचे ? उनका मकसद क्या था और क्या वे किसी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, छात्र संगठन, एनजीओ या किसी एक्टिविस्ट समूह से जुड़े हैं?
अधिकारियों के मुताबिक, गोवा पुलिस ने पिछले सप्ताह मापुसा और पणजी में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की. पुलिस ने बताया कि दोनों कार्यक्रम एनजीओ 'उजवाद' ने आयोजित किए थे. वहीं, 'सिटिजन्स ऑफ मापुसा' नाम के एक स्थानीय संगठन ने प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन वाली तख्तियों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.
उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दो युवक हिरासत में
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गोवा में छात्रों के कुछ प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के उद्देश्य और उसके लिए पैसा कहां से आया, इसे लेकर आयोजकों से पूछताछ की गई है. पुलिस का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के दौरान जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए थे. अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाने के दौरान उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया गया था.
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By अमिताभ कुमार
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