Delhi Terror Blast: अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक को ED ने किया गिरफ्तार, PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 19 Nov 2025 7:54 AM
अल फलाह यूनिवर्सिटी
Delhi Terror Blast: दिल्ली में 10 नवंबर को हुए आतंकी धमाके को लेकर ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंगलवार को ईडी ने गिरफ्तार किया.
Delhi Terror Blast: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है. अल फलाह समूह के संबंध में पीएमएलए के तहत ईडी द्वारा दर्ज की गई ईसीआईआर की चल रही जांच में तलाशी के बाद यह गिरफ्तारी हुई.
अल फलाह समूह के खिलाफ दो FIR दर्ज
ईडी ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अल फलाह समूह के खिलाफ दो FIR दर्ज की है. इन प्राथमिकियों में आरोप लगाया गया था कि अल-फलाह विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने गलत लाभ के लिए छात्रों, अभिभावकों और हितधारकों को धोखा देने के इरादे से एनएएसी मान्यता के धोखाधड़ीपूर्ण और भ्रामक दावे किए हैं. एफआईआर में आरोप है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 12(बी) के तहत यूजीसी मान्यता का झूठा दावा किया है, जिसका उद्देश्य अभ्यर्थियों, छात्रों, अभिभावकों, अभिभावकों, हितधारकों और आम जनता को धोखा देकर गलत तरीके से लाभ प्राप्त करना और उन्हें नुकसान पहुंचाना है.
यूजीसी ने अल-फलाह विश्वविद्यालय पर की है कार्रवाई
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय को केवल धारा 2(एफ) के तहत एक राज्य निजी विश्वविद्यालय के रूप में शामिल किया गया है, इसने कभी भी धारा 12(बी) के तहत शामिल होने के लिए आवेदन नहीं किया है, और वह उस प्रावधान के तहत अनुदान के लिए पात्र नहीं है.
दिल्ली धमाके बाद अल-फलाह विश्वविद्यालय पर कड़ी कार्रवाई
सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ और 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय जांच के दायरे में आ गया है. जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए डॉ मुजम्मिल गनई और डॉ शाहीन सईद का विश्वविद्यालय से संबंध था, जबकि डॉ उमर नबी वहां सहायक प्रोफेसर था. नबी ही वह व्यक्ति बताया जा रहा है जो लाल किला क्षेत्र में विस्फोट करने वाली हुंडई आई20 कार चला रहा था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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