दिल्ली मेट्रो की गेट में फंसी साड़ी, महिला की मौत, बच्चे हुए अनाथ

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 17 Dec 2023 7:50 AM

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ऐसा लग रहा है कि महिला यात्री के कपड़े ट्रेन में फंस गए, जिससे वह घायल हो गई. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई. जानें दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने क्या कहा

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यदि आप मेट्रो से सफर करते हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लें. दरअसल, राजधानी दिल्ली के इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन कोच में साड़ी फंसने से एक महिला घायल हो गई थी जिसकी शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. महिला की पहचान 35 वर्षीय रीना के तौर पर हुई है. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार, इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आयी महिला की सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गयी.

महिला यात्री के कपड़े ट्रेन में फंस गए

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के एक अधिकारी ने बताया कि महिला पिछले गुरुवार को मेट्रो ट्रेन के नीचे तब आ गई थी जब उसके कपड़े का एक हिस्सा मेट्रो ट्रेन के दरवाजों के बीच फंस गया. इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है कि महिला ट्रेन से उतर रही थी या ट्रेन में सवार होने का प्रयास कर रही थी. मामले पर दिल्ली मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने जानकारी दी और बताया कि इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर यह घटना गुरुवार को हुई. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि महिला यात्री के कपड़े ट्रेन में फंस गए, जिससे वह घायल हो गई. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई.

कौन है महिला

मामले पर दिल्ली का भी बयान सामने आया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है. मीडिया में चल रही खबर के अनुसार, महिला के एक रिश्तेदार ने बताया कि हादसे के वक्त वह पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई से मोहन नगर जा रही थी. महिला के पति की करीब सात साल पहले मौत हो गई थी और उसके परिवार में अब एक बेटा और एक बेटी है. यह खबर जैसे ही परिवार को मिली, उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

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खबरों की मानें तो परिवार में 14 और 11 साल के दो बच्चे हैं. पति की मौत के बाद रीना इलाके में सब्जी बेचा करती थी और परिवार का लालन पालन करती थी. पिता के बाद मां का साया भी सिर से उठ गया जिसके बाद बच्चे अनाथ हो गए हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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