Delhi Coaching Death : हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी-आप मुफ्तखोरी को बढ़ावा दे रहे, शुक्रवार तक नालों पर से अतिक्रमण हटाएं
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 31 Jul 2024 1:54 PM
Delhi Coaching Death : कोर्ट ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की जरूरत है, लेकिन एमसीडी दिवालिया हो गया है और अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहा है.
Delhi Coaching Death : दिल्ली के कोचिंग सेंटर में तीन स्टूडेंट की मौत मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और नगर निगम के अधिकारियों को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की कि आप बहुमंजिला इमारतों को मंजूरी दे रहे हैं, लेकिन ढंग के नाले नहीं बन रहे हैं, जिसकी वजह से तीन स्टूडेंट को अपनी जान गंवानी पड़ी.
कर वसूलने की बजाय सौगात बांट रहे
दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आप मुफ्तखोरी की संस्कृति को बढ़ा रहे हैं, आप कर नहीं वसूलना चाहते और मुफ्त की सौगातें बांट रहे हैं, इसलिए ऐसा तो होना ही है. कोर्ट ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की जरूरत है, लेकिन एमसीडी दिवालिया हो गया है और अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहा है. हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अजीब जांच कर रही है. कार चालक के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, लेकिन एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ कोई जांच नहीं हो रही है. हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणियों से जैसे संकेत दिए हैं संभवत: कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मौत मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है.
Also Read : US Presidential Election 2024 : कैसे होता है अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव? जानें पूरी चुनावी प्रक्रिया
बिहार की युवती की भी हुई मौत
हाईकोर्ट ने एमसीडी आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और जांच अधिकारी को शुक्रवार को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है साथ ही अधिकारियों को यह आदेश भी दिया है कि वे राजेंद्र नगर इलाके में सभी नालों के ऊपर किए गए सभी अवैध निर्माण को शुक्रवार तक हटावा दें. 27 जुलाई को दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद राजेंद्र नगर इलाके में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे तीन स्टूडेंट की मौत बेसमेंट में पानी भर जाने की वजह से हुई थी. इन तीन अभ्यर्थियों में से एक बिहार की युवती थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










