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Defense: रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दोहरी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करे डीआरडीओ

Updated at : 02 Jan 2025 6:48 PM (IST)
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Defense: रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दोहरी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करे डीआरडीओ

डीआरडीओ को तकनीकी रूप से उन्नत देशों द्वारा अपनाए जा रहे उत्पादों और प्रक्रियाओं पर नजर रखते हुए दुनिया के सबसे मजबूत अनुसंधान एवं विकास संगठनों में से एक बनाने के मकसद से काम करने की जरूरत.

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Defense: सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक तकनीकों तथा उपकरणों से लैस करने, देश की स्वदेशी क्षमताओं को विकसित करने और निजी क्षेत्र के साथ सहयोग के माध्यम से रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में डीआरडीओ का अहम योगदान है. रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2025 को ‘सुधारों का वर्ष’ घोषित किया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में डीआरडीओ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. डीआरडीओ के 67 वें स्थापना दिवस के मौके पर वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों से बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात कही. 

उन्होंने कहा कि डीआरडीओ तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी इको-सिस्टम के साथ तालमेल बनाकर बदलते समय की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार करने का काम करें. वैज्ञानिकों को तकनीकी रूप से उन्नत देशों द्वारा अपनाए जा रहे उत्पादों और प्रक्रियाओं पर नजर रखते हुए डीआरडीओ को दुनिया के सबसे मजबूत अनुसंधान एवं विकास संगठनों में से एक बनाने के मकसद से काम करना चाहिए. यही नहीं डीआरडीओ की हरेक लैब को दो-तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की पहचान कर उसे वर्ष 2025 में पूरा करना चाहिए. 


निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी बढ़ाने की जरूरत

रक्षा मंत्री ने निजी क्षेत्रों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए डीआरडीओ के प्रयासों की सराहना की. संगठन ऐसे और क्षेत्रों की पहचान करें, जहां निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाया जा सकता है. डीआरडीओ को अनुसंधान एवं विकास के काम में स्टार्टअप को शामिल करने की संभावना तलाशने की जरूरत है. इससे विचारों के बहुमूल्य आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय रक्षा क्षेत्र को बदलते समय के हिसाब से नवीन तकनीकों के साथ आगे आने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रयोगशाला को उद्योग जगत के लोगों के साथ बातचीत के लिए हर महीने दो दिन का समय तय करना चाहिए. नया इको-सिस्टम बनाया जा सकता है, जो रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दोहरी प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए नागरिकों के जीवन में भी बड़ा बदलाव ला सकता है. 

बैठक के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉक्टर समीर वी कामत ने रक्षा मंत्री को वर्ष 2024 में डीआरडीओ की उपलब्धियों, उद्योग, स्टार्टअप और वर्ष 2025 के लिए डीआरडीओ के रोडमैप के बारे में जानकारी दी. डीआरडीओ के अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साल मिशन मोड परियोजनाओं के लिए 19 से अधिक विकास सह-उत्पादन भागीदारों तथा उत्पादन एजेंसियों का चयन किया गया था.

डीआरडीओ परीक्षण सुविधाओं को उद्योगों के लिए खोल दिया गया है और पिछले तीन वर्षों में निजी उद्योगों और रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनियों के लिए 18 हजार से अधिक परीक्षण किए गए हैं, जिनमें से 2024 में 5 हजार से अधिक परीक्षण किए गये. इस मौके पर राजनाथ सिंह ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी शिप मिसाइल की डिजाइन टीम को सम्मानित किया. 

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Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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