Cough Syrup Ban: 'जानलेवा' कफ सिरप पर एमपी-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बैन, 16 बच्चों की मौत के बाद कोल्ड्रिफ पर एक्शन

Published by : Pritish Sahay Updated At : 05 Oct 2025 9:16 PM

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Cough Syrup Deaths

Cough Syrup Ban: महाराष्ट्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से कोल्ड्रिफ कफ सिरप के बेचने और इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है. इससे पहले तमिलनाडु, केरल, मध्य प्रदेश में भी इसपर बैन लगा दिया गया. राजस्थान, मध्य प्रदेश में इस कफ सिरप को पीने से कई बच्चों की जान जा चुकी है. कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6 फीसदी डायएथेनॉल पाया गया है, जो एक प्रतिबंधित रसायन है. यह  जहरीला होता है.

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Cough Syrup Ban: कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर कई राज्यों में कार्रवाई शुरू हो गई है. कर्नाटक, केरल, मध्य- प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई और राज्यों में इस सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. महाराष्ट्र में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने कोल्ड्रिफ सिरप बैच संख्या SR 13 की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. जिन लोगों के पास यह सिरप है, उन्हें इसकी सूचना औषधि नियंत्रण अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 11, बैतूल में 2 और राजस्थान में 3 बच्चों की मौत के बाद कई राज्यों ने इस दवा पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया है.  डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम को सील किया गया है और मेडिकल स्टोर्स को इसे न बेचने का निर्देश दिया गया है.

कई राज्यों में इस दवा पर लगा प्रतिबंध

राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में इस दवा की बिक्री पर बैन लगा दिया गया है. इसके अलावा कई राज्यों में इसकी जांच चल रही है, और इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा “हम रिपोर्ट मंगा रहे हैं. अगर कफ सिरप दूषित पाया गया तो निश्चित रूप से हम उस पर प्रतिबंध लगाएंगे.” केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ‘जानलेवा’ कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत होने को देखते हुए छह राज्यों में खांसी की दवा, ‘एंटीपाइरेटिक्स’ और एंटीबायोटिक समेत 19 दवाओं की विनिर्माण इकाइयों में जोखिम आधारित निरीक्षण शुरू किया है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में विभिन्न दवाओं के नमूने जमा कर जांच कर रही है. रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कफ सिरप की गुणवत्ता और तर्कसंगत उपयोग पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी की.

बैतूल में दो बच्चों की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने की आशंका

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत के बाद बैतूल जिले के आमला प्रखंड में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि कथित तौर पर इसी कफ सिरप को पीने से दो बच्चों की जान गई है. इस बीच बैतूल के जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने साफ किया है कि दोनों बच्चों का इलाज बैतूल जिले के किसी भी शासकीय या निजी अस्पताल में नहीं हुआ है.  जिले में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री भी नहीं पाई गई है. उन्होंने कहा ‘‘दोनों बच्चों को बुखार के इलाज के लिए पड़ोसी छिंदवाड़ा जिले के परासिया ले जाया गया, जहां उनकी हालत बिगड़ गई. अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि मौतें सिरप की वजह से हुई हैं या नहीं.

सिरप में 48.6 फीसदी डायएथिलीन ग्लाइकोल

कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6 फीसदी डायएथेनॉल पाया गया है. कफ सिरप में इसकी मात्रा 0.1 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. दरअसल, यह एक प्रतिबंधित रसायन है, जो जहरीला होता है. इसका असर किडनी पर होता है. बच्चों की मौत मामले में दावा किया जा रहा है कि कफ सिरप पीने से बच्चों की किडनी फेल हो गई. जिस कारण उनकी मौत हुई

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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