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हवा से फैल सकता है कोरोना का संक्रमण, अब CSIR के प्रमुख शेखर सी मांडे ने दी यह सलाह...

Updated at : 21 Jul 2020 1:28 PM (IST)
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हवा से फैल सकता है कोरोना का संक्रमण, अब CSIR के प्रमुख शेखर सी मांडे ने दी यह सलाह...

Coronavirus infection can spread by air CSIR DG Shekhar C Mande gave advice for wearing mask : शोध अध्ययन से जुड़ी भारत की प्रमुख संस्था सीएसआईआर (Council of Scientific and Industrial Research) ने कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच यह सलाह दी है कि संक्रमण से बचने के लिए हर व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए. संस्था ने यहां तक कहा है कि बंद जगहों पर भी सबको मास्क पहन कर रहना चाहिए.

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नयी दिल्ली : शोध अध्ययन से जुड़ी भारत की प्रमुख संस्था सीएसआईआर (Council of Scientific and Industrial Research) ने कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच यह सलाह दी है कि संक्रमण से बचने के लिए हर व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए. संस्था ने यहां तक कहा है कि बंद जगहों पर भी सबको मास्क पहन कर रहना चाहिए.

सीएसआईआर ने यह सलाह तब दी है जब डब्ल्यूएचओ ने भी यह मान लिया है कि कोरोना वायरस का प्रसार हवा से संभव है. भले ही ऐसा सीमित मात्रा में और कुछ निश्चित अवधि के लिए होता है, लेकिन हवा से कोरोना का प्रसार संभव है. रिसर्च संस्थान के प्रमुख डॉ. शेखर सी मांडे ने अपने ब्लॉग में कई रिसर्च का हवाला देते हुए लिखा है कि इसकी बहुत ज्यादा संभावना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के जरिये भी हो सकता है.

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ऐसी परिस्थिति में खुद को सुरक्षित कैसे रखा जाये, इस बात पर जोर देते हुए डॉ शेखर सी मांडे ने लिखा है कि आसान उपाय है कि हम भीड़-भाड़ वाली जगह पर ना जायें. जहां पर रहें, उसे यथासंभव बंद रखें, कार्यस्थल पर वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था और हम हमेशा मास्क पहनें यहां तक की बंद जगह पर भी मास्क का प्रयोग करें.

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कोरोना का संक्रमण हवा के जरिये हो रहा है या नहीं? इस बहस की शुरुआत तब हुई थी जब 32 देशों के 239 साइंटिस्ट ने डब्ल्यूएचओ को एक ओपन लेटर लिखा और जिसमें उनसे यह गुजारिश की गयी वे इस मसले पर ध्यान दें.

शेखर मांडे ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि मास्क पहनकर रहना कोरोना के संक्रमण से बचने की बेहतरीन रणनीति है. मांडे ने लिखा है कि यह एक सच्चाई है कि जब कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है तो हवा में ड्रॉपलेट छोड़ता है. बड़े ड्रॉपलेट तुरंत ही जमीन पर गिर जाते हैं, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि छोटे और माइक्रो ड्रॉपलेट हवा में मौजूद रहते हैं. ऐसे में हवा के जरिये भी संक्रमण का खतरा तो रहता ही है. वह ड्रॉपलेट कितनी देर तक संक्रमण फैला सकते हैं यह विवाद का विषय हो सकता है. लेकिन हवा के जरिये संक्रमण फैलने की बात को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता है.

Posted By : Rajneesh Anand

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