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Coroanavirus vaccine: रूस की वैक्सीन से भारत ने मुंह मोड़ा, जानिए क्या है पीएम मोदी का कोरोना वैक्सीन को लेकर नया प्लान, लेटेस्ट अपडेट

Updated at : 17 Aug 2020 9:53 AM (IST)
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Coroanavirus vaccine: रूस की वैक्सीन से भारत ने मुंह मोड़ा, जानिए क्या है पीएम मोदी का कोरोना वैक्सीन को लेकर नया प्लान, लेटेस्ट अपडेट

Coronavirus Covid-19 Vaccine Tracker India Live Latest News Updates in Hindi, Pm modi: कोरोना महमारी संकट के कारण पूरी दुनिया को वैक्सीन का इंतजार है. रूस ने सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बनाना का दावा किया है लेकिन भारत उसे पहली पसंद के रूप में नहीं देख रहा है. अब केंद्र की मोदी सरकार दुनियाभर के टॉप कोरोना वैक्‍सीन कैंडिडेट्स को हासिल करने की कोशिश में है.

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Coronavirus Covid-19 Vaccine Tracker India Live Latest News Updates in Hindi, Pm modi plan for corona vaccine: कोरोना महमारी संकट के कारण पूरी दुनिया को वैक्सीन का इंतजार है. रूस ने सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बनाना का दावा किया है लेकिन भारत उसे पहली पसंद के रूप में नहीं देख रहा है. अब केंद्र की मोदी सरकार दुनियाभर के टॉप कोरोना वैक्‍सीन कैंडिडेट्स को हासिल करने की कोशिश में है. इसके अलावा, देसी वैक्सीन के ट्रायल पर भी नजर रखी जा रही है. इसी को लेकर कोरोना वैक्सीन को लेकर विशेषज्ञों का समूह आज एक अहम बैठक करने वाला है.

उम्मीद है कि इस बैठक के बाद देश को कोरोना वैक्सीन से जुड़ी बड़ी जानकारी मिलेगी. एचटी के मुताबिक, देश की वैक्सीन रणनीति से अवगत एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा भारत जिन वैक्सीन के विकल्पों को देख रहा है उनमें ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनका और अमेरिका के मॉडर्न-एनआईएआईडी द्वारा विकसित किए जा रही कोविड 19 की वैक्सीन शामिल हैं. इसके अलावा जर्मनी और इजरायल समेत दुनिया के नौ और वैक्‍सीन प्रोग्राम पर भी सरकार विचार कर रही है. बता दें कि रूस ने सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बनाना का दावा किया है लेकिन भारत ने ट्रायल डेटा नहीं होने के कारण मुंह मोड़ लिया है.

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बैठक में क्या होगा, कौन होंगे शामिल?

एक दूसरे अधिकारी के अनुसार राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह वैक्सीन को लेकर सोमवार को अपनी दूसरी बैठक करने वाले हैं और बायोटेक और जाइडस कैडिला सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत सहित कई फार्मा कंपनियों के प्रमुखों के साथ खरीद प्रक्रियाओं और मूल्य निर्धारण के बारीक विवरण पर चर्चा करेगा.

जानकारी के मुताबिक, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में यह बैठक दोपहर बाद साढे तीन बजे शुरू होगी. इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्‍नोलॉजी की सचिव रेणु स्‍वरूप, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव और डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्‍यूटिकल्‍स के सचिव पीडी वाघेला भी इस पैनल का हिस्‍सा हैं.

देसी वैक्सीन का क्या है स्टेटस?

केंद्र सरकार हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और अहमदाबाद स्थित जाइडस कैडिला द्वारा परीक्षण किए जा रहे उम्मीदवारों की प्रगति को भी बारीकी से ट्रैक करेगी. पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एजेडडी 1222 वैक्सीन के लिए एस्ट्राजेनका के साथ एक उत्पादन और नैदानिक ​​परीक्षण किया है. यह अब तक दुनियाभर में किए गए परीक्षणों में ज्यादा लोगों पर किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर-भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल देशभर में 12 जगहों पर चल रहा है. वॉलंटियर्स को बैच में डोज दी जा रही है. एक बार सबको डोज दिए जाने के बाद ब्‍लड टेस्‍ट्स किए जाएंगे, तब पता चलेगा कि वैक्‍सीन कितनी असरदार है. जाइडस कैडिला की जाइकोव-डी का फेज-2 ट्रायल 6 अगस्‍त से शुरू हुआ था मगर फेज-1 के नतीजे अबतक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.

रूसी वैक्सीन पर भारत की सोच

एचटी के मुताबिक, नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कि भारत वर्तमान में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी के ट्रायल डेटा की राह देख रहा है. जो पिछले सप्ताह दुनिया में आने वाली पहली कोरोनवायरस वैक्सीन बन गई है. इस वैक्‍सीन के भारत के उत्‍पादन की कोशिशें भी चल रही हैं और कई फार्मा कंपनियां रूसी डायरेक्‍टर इनवेस्‍टमेंट फंड के संपर्क में हैं. हालांकि बेहद कम लोगों पर ट्रायल के चलते इस वैक्‍सीन का खासा विरोध हो रहा है. अभी के लिए हम ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनका वैक्सीन को देख रहे हैं, जो भारतीय बाजार के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर उत्पादन कर रही है और मॉडर्न वैक्सीन जिसने चरण 3 की ट्रायल्स में भी प्रवेश कर लिया है.

ह्यूमन ट्रायल से गुजर रहीं 29 वैक्‍सीन

दुनियाभर में इस वक्‍त 29 कोविड वैक्‍सीन (एक्‍सपेरिमेंटल) क्लिनिकल ट्रायल से गुजर रही हैं। इसके अलावा 138 वैक्‍सीन ऐसी हैं जिनका जानवरों पर टेस्टिंग चल रही है. दुनियाभर के विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित वैक्‍सीन आने में अभी वक्‍त लग सकता है. आमतौर पर किसी वैक्‍सीन को बना कर बाजार में उतारने में 10-12 साल लगते हैं मगर कोरोना के प्रकोप को देखते हुए इस प्रक्रिया को बेहद तेज किया गया है.

Posted By: Utpal kant

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