ePaper

Congress पार्टी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, अवैध रूप से रह रहे है सोनिया गांधी के सचिव

Updated at : 01 Apr 2022 9:41 PM (IST)
विज्ञापन
Congress पार्टी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, अवैध रूप से रह रहे है सोनिया गांधी के सचिव

Congress Gets Eviction Notice कांग्रेस पार्टी को सरकारी बंगले के अवैध कब्जे के आरोप में बेदखली का नोटिस जारी हुआ है. जानकारी के मुताबिक, यह बंगला कांग्रेस पार्टी को आवंटित हुआ था, लेकिन इस बंगले पर कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रह रहे हैं.

विज्ञापन

Congress Gets Eviction Notice कांग्रेस पार्टी को सरकारी बंगले के अवैध कब्जे के आरोप में बेदखली का नोटिस जारी हुआ है. जानकारी के मुताबिक, यह बंगला कांग्रेस पार्टी को आवंटित हुआ था, लेकिन इस बंगले पर कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रह रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय (DOE) ने अब कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कार्रवाई का मूड बनाया है.

सोनिया गांधी के सचिव विन्सेंट जॉर्ज कर रहे हैं बंगले का इस्तेमाल

यह भी बताया गया है कि इस संपत्ति का बकाया 3.08 करोड़ हो गया है, जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है. जानकारी के मुताबिक, पिछला भुगतान अगस्त 2013 में किया गया था.अब आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय ने कांग्रेस पार्टी को नई दिल्ली में सी-द्वितीय/109 चाणक्यपुरी में स्थित अपने एक बंगले को खाली करने के लिए नोटिस भेजा है. मंत्रालय की ओर से जारी किये गये दस्तावेज के अनुसार, दिल्ली में यह संपत्ति कांग्रेस पार्टी को दी गई थी, लेकिन इस संपत्ति का गैर-आधिकारिक उपयोग कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विन्सेंट जॉर्ज कर रहे हैं.

नोटिस के बाद जारी खाली नहीं हुआ बंगला

25 मार्च को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा कांग्रेस को जारी नोटिस में लिखा है कि पत्र संख्या 7/259/94- द्वारा 26-06-2013 से आवंटन रद्द होने के बाद भी आप नीचे दी गई अनुसूची में निर्दिष्ट सार्वजनिक परिसरों पर कब्जा करना जारी रखे हुए हैं. जबकि, मैं अधोहस्ताक्षरी नीचे निर्दिष्ट आधार पर घोषित कर रहा हूं कि आप अनुसूची में उल्लिखित सार्वजनिक परिसर के अनधिकृत कब्जे में हैं. इसलिए आपको उक्त परिसर से बेदखल कर दिया जाना चाहिए.

नोटिस में एकतरफा फैसला लिए जाने की कही गई बात

नोटिस में कहा गया है कि, सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 की धारा 3बी की उप-धारा (1) के मुताबिक मैं आपसे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए 3 कार्य दिवसों के भीतर दोपहर 02:30 बजे कारण बताने का आग्रह करता हूं कि आपको संपत्ति से बेदखली का आदेश क्यों नहीं दिया जाना चाहिए. आप मंत्रालय के सामने व्यक्तिगत रूप से या विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से पेश हो सकते हैं, जो मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब देने में सक्षम हो और सबूत के साथ रहे जाने के संदर्भ में तार्किक कारणों को पेश कर सके. यदि आप कारण बताने में विफल रहते हैं या फिर निर्धारित समय के भीतर आप उपस्थित नहीं होते हैं, तो इस संबंध में एकतरफा फैसला लिया जाएगा.

Also Read: CJI एनवी रमना ने कहा, निष्पक्षता की कमी और सियासी गठजोड़ की वजह से धूमिल हुई पुलिस की इमेज

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola