Congress पार्टी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, अवैध रूप से रह रहे है सोनिया गांधी के सचिव

Congress Gets Eviction Notice कांग्रेस पार्टी को सरकारी बंगले के अवैध कब्जे के आरोप में बेदखली का नोटिस जारी हुआ है. जानकारी के मुताबिक, यह बंगला कांग्रेस पार्टी को आवंटित हुआ था, लेकिन इस बंगले पर कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रह रहे हैं.
Congress Gets Eviction Notice कांग्रेस पार्टी को सरकारी बंगले के अवैध कब्जे के आरोप में बेदखली का नोटिस जारी हुआ है. जानकारी के मुताबिक, यह बंगला कांग्रेस पार्टी को आवंटित हुआ था, लेकिन इस बंगले पर कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रह रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय (DOE) ने अब कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कार्रवाई का मूड बनाया है.
यह भी बताया गया है कि इस संपत्ति का बकाया 3.08 करोड़ हो गया है, जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है. जानकारी के मुताबिक, पिछला भुगतान अगस्त 2013 में किया गया था.अब आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय ने कांग्रेस पार्टी को नई दिल्ली में सी-द्वितीय/109 चाणक्यपुरी में स्थित अपने एक बंगले को खाली करने के लिए नोटिस भेजा है. मंत्रालय की ओर से जारी किये गये दस्तावेज के अनुसार, दिल्ली में यह संपत्ति कांग्रेस पार्टी को दी गई थी, लेकिन इस संपत्ति का गैर-आधिकारिक उपयोग कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विन्सेंट जॉर्ज कर रहे हैं.
25 मार्च को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा कांग्रेस को जारी नोटिस में लिखा है कि पत्र संख्या 7/259/94- द्वारा 26-06-2013 से आवंटन रद्द होने के बाद भी आप नीचे दी गई अनुसूची में निर्दिष्ट सार्वजनिक परिसरों पर कब्जा करना जारी रखे हुए हैं. जबकि, मैं अधोहस्ताक्षरी नीचे निर्दिष्ट आधार पर घोषित कर रहा हूं कि आप अनुसूची में उल्लिखित सार्वजनिक परिसर के अनधिकृत कब्जे में हैं. इसलिए आपको उक्त परिसर से बेदखल कर दिया जाना चाहिए.
नोटिस में कहा गया है कि, सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 की धारा 3बी की उप-धारा (1) के मुताबिक मैं आपसे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए 3 कार्य दिवसों के भीतर दोपहर 02:30 बजे कारण बताने का आग्रह करता हूं कि आपको संपत्ति से बेदखली का आदेश क्यों नहीं दिया जाना चाहिए. आप मंत्रालय के सामने व्यक्तिगत रूप से या विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से पेश हो सकते हैं, जो मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब देने में सक्षम हो और सबूत के साथ रहे जाने के संदर्भ में तार्किक कारणों को पेश कर सके. यदि आप कारण बताने में विफल रहते हैं या फिर निर्धारित समय के भीतर आप उपस्थित नहीं होते हैं, तो इस संबंध में एकतरफा फैसला लिया जाएगा.
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