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Congress: केंद्र सरकार ने पिछले 11 साल से लगातार मनरेगा को कमजोर करने का किया है काम

Updated at : 05 Sep 2025 5:53 PM (IST)
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Congress: केंद्र सरकार ने पिछले 11 साल से लगातार मनरेगा को कमजोर करने का किया है काम

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि मनरेगा के 20 साल पूरे हो गये है. यह दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक योजना है. इस योजना की कई उपलब्धि है. लेकिन मौजूदा सरकार के दौर में इस योजना का भविष्य सुरक्षित नहीं दिख रहा है.

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Congress: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के 20 साल पूरे हो चुके हैं. मनरेगा कांग्रेस सरकार की अहम योजना में से एक रही है और पार्टी लगातार मोदी सरकार पर मनरेगा की अनदेखी का आरोप लगाती रही है. शुक्रवार को कांग्रेस ने एक बार फिर मनरेगा को कमजोर करने के केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कि इस योजना के तहत दैनिक मजदूरी को 400 रुपये करने की जरूरत है. मौजूदा समय में मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी की दर 300 रुपये से कम है. 


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि मनरेगा के 20 साल पूरे हो रहा है और यह दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक योजना है और इस योजना की कई उपलब्धि है. लेकिन मौजूदा सरकार के दौर में इस योजना का भविष्य सुरक्षित नहीं दिख रहा है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नियम के तहत पहली छमाही में सरकारी योजना के तहत 60 फीसदी से अधिक खर्च करने पर रोक लगाने का काम किया गया है. मनरेगा के तहत पांच महीने में ही बजट में आवंटित 60 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है. ऐसे में नियम के तहत मनरेगा में आने वाले समय में कोई पैसा खर्च नहीं हो सकता है और इससे करोड़ों ग्रामीण आबादी पर असर पड़ने की संभावना है. 

मनरेगा में फंड में हो रही है लगातार कटौती

जयराम रमेश ने कहा कि पिछले 11 साल में लगातार मनरेगा के आवंटन में कमी की गई है. पिछले तीन साल में देश में महंगाई के उच्च स्तर के बावजूद मनरेगा फंड को बढ़ाने का काम नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि यह योजना मांग पर आधारित है, लेकिन सरकार की सोच के कारण करोड़ों ग्रामीण मजदूर को काम नहीं मिल पा रहा है. यही नहीं मजदूरों का भुगतान भी तय समय में नहीं हो रहा है. जबकि नियम के तहत 15 दिनों के अंदर भुगतान करना जरूरी है और ऐसा नहीं करने पर मजदूरों को मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है. मनरेगा का 20-30 फीसदी बजट का पैसा पिछले साल के बकाया भुगतान करने पर खर्च हो रहा है. जबकि पिछले 11 साल में मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी में कोई वृद्धि नहीं की गयी है. 


कांग्रेस पार्टी मनरेगा के तहत मिलने वाले वेतन में वृद्धि के लिए संसद की स्थायी समिति का गठन करने की मांग करती है. साथ ही मनरेगा के तहत होने वाले भुगतान के लिए तकनीक के प्रयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी है. मनरेगा के तहत भुगतान के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम और आधार आधारित भुगतान प्रणाली पर रोक लगाने की जरूरत है. क्योंकि इस प्रणाली के कारण देश के करोड़ों मजदूरों को भुगतान करने में देरी हो रही है. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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