चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा-मुझे दुख है कि फर्जी डिग्रीधारकों पर मेरी टिप्पणी को गलत ढंग से पेश किया गया
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 16 May 2026 5:23 PM
चीफ जस्टिस सूर्यकांत
CJI Surya Kant : चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने फर्जी डिग्री धारकों पर सख्त टिप्पणी की थी, जिस पर देश में चर्चा जारी है. सीजेआई ने अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैंने फर्जी डिग्रीधारकों को परजीवी बताया था ना कि देश के युवाओं को.
CJI Surya Kant : मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि उनकी एक टिप्पणी को जिस तरह मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया है, उससे उन्हें बहुत दुख हुआ है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कल एक बेकार केस की सुनवाई के दौरान मैंने उन लोगों की बुराई की थी, जो नकली और बोगस डिग्री की मदद से कानूनी पेशे में आ गए हैं.
नकली डिग्री धारकों को बताया परजीवी
सीजेआई ने कहा कि मैंने नकली डिग्री धारकों को परजीवी बताया था. ये लोग सिर्फ कानून के पेशे में ही नहीं हैं, बल्कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और पेशे में भी प्रवेश कर गए हैं. अपने पेशे में अनुशासन रखना इनको आता ही नहीं है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह बात बिल्कुल गलत है कि मैंने देश के युवाओं की बुराई की है.
युवा वर्ग मेरे लिए प्रेरणा
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि देश के युवा रिसोर्स पर मुझे गर्व है. सच्चाई यह है कि मैं देश के युवाओं से प्रेरित होता हूं. देश का युवा मुझे सम्मान देता है और मैं भी उन्हें भारत की बुनियाद के तौर पर देखता हूं. युवा देश का भविष्य होते हैं, जो देश को एक दिशा देते हैं. चीफ जस्टिस ने फर्जी डिग्री धारकों पर टिप्पणी एक ऐसे वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान की थी, जो जो वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा हासिल करने के लिए आक्रामक रूप से प्रयास कर रहा था. उसी दौरान वकीलों के पेशेवर आचरण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह बात कही थी.
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.
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