पटना ब्लैकआउट मर्डर केस का हो गया खुलासा, मजदूर बनकर 15 दिन की रेकी, पुलिस ने हत्या की पूरी कहानी बताई

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Parichay-Kumar

पूर्वी सिटी एसपी परिचय कुमार ने मामले का किया खुलासा

Bihar Crime: पटना के मुसल्लहपुर में ब्लैकआउट के दौरान मसाला कारोबारी पिंटू कुमार की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. बेऊर जेल में बंद अपराधी की साजिश, नाबालिग शूटर, 15 दिन की रेकी और साइलेंसर पिस्टल के जरिए अंजाम दी गई इस हत्या ने सभी को चौंका दिया.

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Bihar Crime, नितिश : पटना के सुल्तानगंज थाने के मुसल्लहपुर में 14 मई को ब्लैक आउट के समय मसाला कारोबारी पिंटू कुमार की हत्या मामले का पटना पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया. इस मामले में पुलिस ने नाबालिग आरोपी को पकड़ लिया है. साथ ही हत्या में इस्तेमाल की गयी पिस्टल व कारतूस बरामद कर ली गयी है. नाबालिग ने ब्लैकआउट होते ही साइलेंसर लगी पिस्टल से पिंटू कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी थी और फरार हो गया था. चारों ओर अंधेरा था, इसलिए केस पूरी तरह ब्लाइंड था. लेकिन पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए नाबालिग को पकड़ लिया.

बेऊर जेल में बंद अपराधी ने रची थी साजिश, नाबालिग ने दिया अंजाम

बेऊर जेल में बंद विकास उर्फ बका ने पिंटू कुमार की हत्या की साजिश रची थी. उसने ही नाबालिग को दस हजार रुपये एडवांस के रूप में दिया था और कुछ और रुपये बाद में देने का आश्वासन दिया था. इसके अलावा स्काई उर्फ शिवम नाम के बदमाश से नाबालिग को पिस्टल व कारतूस भी उपलब्ध करा दिया. शिवम भी सोनू हत्याकांड में फरार चल रहा है. इसके बाद नाबालिग ने हत्या कर दी.

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नाबालिग ने लेबर बन कर 15 दिनों तक की रेकी

नाबालिग ने पिंटू की हत्या के लिए 15 दिनों तक रेकी की और पिंटू के दुकान के सामने लेबर के रूप में काम करता रहा. सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि पिंटू कुमार शराब के कारोबार व अन्य धंधे में शामिल था. फरवरी में पटना सिटी में हुए सोनू हत्याकांड में विकास उर्फ बिका और संजय गोप गिरफ्तार हुआ था.

इन दोनों के जेल जाने के बाद पिंटू शराब कारोबार का धंधा संभालने लगा और उससे आने वाली रकम को वह बेऊर जेल में बंद संजय गोप तक पहुंचाने लगा. लेकिन वह विकास को कुछ भी पैसे नहीं देता था.

इस कारण ही विकास खफा था और उससे हमेशा जेल में आने वाले नाबालिग को उसकी हत्या की सुपारी दे दी. विदित हो कि ब्लैक आउट के कारण 14 मई को अंधेरा था. सभी कारोबारियों ने अपने-अपने बिजली को बंद कर दिया था और 15 मिनट खत्म होने का इंतजार कर रहे थे. पिंटू अपने दुकान में था.

नाबालिग ने पहले से ही साइलेंसर युक्त पिस्टल का इंतजाम कर रखा था. जैसे ही ब्लैक आउट हुई वैसे ही नाबालिग व एक अन्य बदमाश पहुंचे और काफी निकट से सिर में गोली मार कर फरार हो गये. पिस्टल साइलेंसर युक्त थी. इसलिए कोई आवाज नहीं हुई. घायल होकर पिंटू कराहने लगा तो लोगों का उस तक ध्यान गया. इसके बाद उसे इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाया गया. जहां उसकी मौत हो गयी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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