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CJI रमन्ना ने छात्र नेता की कमी पर जताई चिंता, कहा- समाज की सच्चाई से कोई भी पढ़ा लिखा युवा दूर नहीं रह सकता

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना(CJI NV Ramana) ने दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में छात्र नेता की कमी पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि समाज की सच्चाई से कोई भी पढ़ा लिखा युवा दूर नहीं रह सकता है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
एनवी रमना, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया
एनवी रमना, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया
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भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना(CJI NV Ramana) ने छात्र नेता की कमी पर चिंता जताई है. गुरुवार को उन्होंने कहा कि पिछले 30 सालों से कोई बड़ा छात्र नेता नहीं उभरा है जिसका विपरित असर लोकतंत्र पर पड़ रहा है. सीजेआई एनवी रमन्ना(CJI NV Ramana) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी(National Law University) के दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का उदारीकरण जब से हुआ है तब से कोई बड़ा छात्र नेता शिक्षा जगत से सामने नहीं आया है. लोकतंत्र में छात्रों की क्या सहभागिता होनी चाहिए इस पर भी चर्चा की.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI NV Ramana) ने छात्रों से कहा कि आपको उस दुनिया के बारे में जानकारी रखनी चाहिए जिसका आप हिस्सा हैं. सीजेआई ने आगे कहा कि,' भारतीय समाज को करीब से देखने वाला कोई भी ये देख सकता है कि पिछले करीब तीन दशकों में शिक्षा जगत से कोई बड़ा नेता नहीं उभर कर आया है. ये उदारीकरण के बाद छात्रों की भागीदारी में कमी को दिखाता है. सामजिक कामों में छात्रों की भागीदारी कम हुई है. वहीं, आज के लोकतंत्र को लेकर दीक्षांत समारोह में मौजूद छात्रों से उन्होंने साफ कहा कि आपको अगुआ की तरह उभरना होगा, यह बहुत जरूरी है कि आप जैसे अच्छे, दूरदर्शी, जिम्मेदार और ईमानदार छात्र आगे आए और लोगों का नेतृत्व करें.

वहीं, उन्होंने छात्रों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि छात्र ही आजादी, न्याय, बराबरी और नैतिकता के संरक्षक हैं, सीजेआई ने कहा कि छात्रों को अपनी ऊर्जा को सही जगह पर लगाया जाना चाहिए जिससे सारी चीजें हासिल हो सकती हैं. जब छात्र सामाजिक और राजनीतिक तौर पर सतर्क रहेंगे तभी शिक्षा,भोजन जैसे बुनियादी मुद्दों पर पूरे देश का ध्यान जाएगा. उन्होंने कहा कि समाज की सच्चाई से कोई भी पढ़ा लिखा युवा दूर नहीं रह सकता है. जब आप डिग्री के साथ इन संस्थानों से निकलेंगे तो हमेशा उस दुनिया के बारे में जागरूक रहें, जिस दुनिया का आप हिस्सा हैं.

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