रिटायरमेंट के बाद नहीं लूंगा कोई सरकारी पद… मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने दिया बड़ा बयान
सीजेआई बीआर गवई
CJI BR Gavai: जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई 14 मई 2025 को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने थे. उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद की शपथ दिलाई थी. वे देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं. उनसे पहले…
CJI BR Gavai: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण रामकृष्ण गवई शुक्रवार को महाराष्ट्र के अमरावती जिले स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचे. यहां ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पदभार संभालने के बाद यह पहली बार था जब वह अपने गांव आए. इस मौके पर उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है.
CJI बीआर गवई ने किया ऐलान
मुख्य न्यायाधीश गवई ने साफ शब्दों में कहा कि वह रिटायरमेंट के बाद कोई भी सरकारी पद स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि मैं CJI के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद किसी भी सरकारी पद को नहीं लूंगा.
भारत माता के जयकारों से गूंजा गांव
ग्रामीणों द्वारा आयोजित भव्य स्वागत समारोह में गवई ने अपने बचपन की यादें साझा कीं और कहा कि यह मेरे जीवन का आखिरी सत्कार है. इसके बाद मैं कोई भी सम्मान स्वीकार नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि गांव के लोगों का प्रेम और सत्कार देखकर वह भावुक हो गए हैं. गांव के स्कूली छात्रों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सीजेआई से मिलने पहुंचे थे. पूरे गांव में जश्न का माहौल था और भारत माता की जय के नारे गूंजें.
दलित समुदाय से आने वाले दूसरे CJI
जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई 14 मई 2025 को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने थे. उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद की शपथ दिलाई थी. वे देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं. उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने 2007 में यह पद संभाला था.
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