Video: दूल्हा-दुल्हन की उम्र छिपाना अब मुश्किल, शादी कार्ड पर जन्मतिथि छापने की तैयारी
शादी की सांकेतिक तस्वीर (Photo: AI)
Video : महाराष्ट्र सरकार शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि छापना अनिवार्य करने पर विचार कर रही है. इसका मकसद बाल विवाह पर रोक लगाना है. खासकर उन जिलों में, जहां कम उम्र में शादी के मामले ज्यादा सामने आते हैं.
Video : महाराष्ट्र सरकार राज्य में बाल विवाह रोकने के लिए नया कदम उठाने पर विचार कर रही है. प्रस्ताव है कि शादी के निमंत्रण पत्र पर दूल्हा और दुल्हन दोनों की जन्मतिथि छापना अनिवार्य किया जाए. महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने विधानसभा में बताया कि इससे शादी के समय दोनों की उम्र की जांच करना आसान होगा. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कम उम्र में होने वाली शादियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी.
विधानसभा में आदिति तटकरे ने क्या कहा ?
विधानसभा में आदिति तटकरे ने कहा कि राजस्थान में शादी के कार्ड पर जन्मतिथि छापने जैसी व्यवस्था से बाल विवाह रोकने में मदद मिली है. इसी मॉडल को महाराष्ट्र में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है. नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रिंटिंग प्रेस, विवाह भवन (मंगल कार्यालय) और इवेंट आयोजकों को भी जिम्मेदार बनाया जाएगा. यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बालविवाह रोखण्यासाठी महिला व बालविकास विभाग कटिबद्ध !
— Aditi S Tatkare (@iAditiTatkare) June 24, 2026
विधिमंडळाच्या पावसाळी अधिवेशनाच्या निमित्ताने प्रश्नोत्तराच्या सत्रात आज बालविवाहांना संपूर्ण प्रतिबंध घालण्यासाठी महिला व बालविकास विभागाकडून सुरू असलेल्या प्रयत्नांची माहिती दिली.
राष्ट्रीय कुटुंब आरोग्य सर्वेक्षणानुसार… pic.twitter.com/ZuP93lTCG3
महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में बाल विवाह के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यह प्रस्ताव दिया है. आयोग का मानना है कि शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि दर्ज होने से उनकी उम्र की जांच आसान होगी. कम उम्र में होने वाली शादियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
सबसे ज्यादा बाल विवाह परभणी जिले में
विधानसभा में पेश सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र के कई जिलों में अब भी 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं. सबसे ज्यादा बाल विवाह परभणी जिले में दर्ज किए गए, जहां यह आंकड़ा 48 प्रतिशत रहा. इसके बाद बीड में 43.7 प्रतिशत, धुले में 40.5 प्रतिशत और सोलापुर में 40.3 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए. हालांकि राज्य में बाल विवाह के मामलों में धीरे-धीरे कमी भी देखने को मिल रही है. 2019-21 में जहां बाल विवाह की दर 21.9 प्रतिशत थी, वहीं 2023-24 में यह घटकर 19.6 प्रतिशत रह गई.
महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 1,434 बाल विवाह रोके जा चुके हैं, जो इस दिशा में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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