Chhattisgarh Coal Mine Protest: छत्तीसगढ़ में कोयला खदान पर भारी बवाल, पुलिस और ग्रामीणों के बीच भिड़ंत, गांव वाले बोले- जान चली जाए, लेकिन…

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Chhattisgarh Amera coal mine

छत्तीसगढ़ अमेरा कोयला खदान. फोटो एक्स

Chhattisgarh Coal Mine Protest: छत्तीसगढ़ में कोयला खदान को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर बवाल हुआ. ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसके बाद जवानों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. दरअसल कोयला खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीण गुस्से में हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी जान चली जाए, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे. आइये आपको बताते हैं पूरा मामला.

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Chhattisgarh Coal Mine Protest: छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के परसोड़ी कलां गांव के लोग बुधवार को आक्रोशित हो गए. ग्रामीणों ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की अमेरा कोयला खदान के विस्तार को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिसके बाद तनाव बढ़ गया. अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंके. जवाब में पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.

ग्रामीणों का क्या है कहना?

अंबिकापुर परसोड़ी कलां गांव की रहने वाली लीलावती कहती हैं, यह हमारे गांव की जमीन है, हम इसे देना नहीं चाहते. हम कहां जाएं? मेरे दादा, मेरे ससुर और मेरे पुरखों ने यहीं कमाया और रहे हैं. अब मेरी बारी है. क्या मैं इसे बेच दूं, फिर मेरा पोता या बेटा कहां जाएगा? क्या वे भीख मांगेंगे? मुझे यह सब नहीं चाहिए. हमारी पूरी जमीन माइनिंग में चली जाएगी. हम इसे देना नहीं चाहते. यह हमारे गांव की प्रॉपर्टी है. हम इसे देना नहीं चाहते.

हमारी जान चली जाए, लेकिन हम जमीन नहीं छोड़ेंगे : ग्रामीण

परसोड़ी कलां गांव की ही रहने वाली रामबाई कहती हैं, हमारी जान चली जाए, लेकिन हम यह जमीन नहीं छोड़ेंगे. भले ही वे मुझे गोली मार दें, मैं यह धरती मां नहीं छोड़ूंगी. पुलिस यहां आई है और हम पर दबाव बना रही है. हमारे पुरखे यहीं बसे थे, हम कहां जाएं, अपने बच्चों को कहां ले जाएं? हम नौकरी या मुआवजा नहीं लेंगे. हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे.

सरगुजा के अपर कलेक्टर ने क्या बताया?

सरगुजा के अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने कहा, परसोड़ी कलां गांव के लोग SECL अमेरा में इकट्ठा हुए हैं और कह रहे हैं कि वे आगे कोयला माइनिंग नहीं होने देंगे. जब हमने उनसे बात की, तो पता चला कि जमीन के सर्वे का प्रोसेस 2016 में पूरा हो गया था, और सर्वे के बाद कुछ गांव वालों को उनका मुआवजा मिल गया है. जमीन के सर्वे के प्रोसेस के बावजूद कई गांव वाले अभी भी मुआवजा लेने से मना कर रहे हैं और कोयला माइनिंग में रुकावट डाल रहे हैं. यहां पत्थरबाजी हुई, जिससे कई पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल हो गए.”

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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