Chhattisgarh Naxal Operation: छत्तीसगढ़ में 78 नक्सलियों ने किया सरेंडर, गृह मंत्री अमित शाह बोले- अब केवल तीन जिले बचे हैं
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 15 Oct 2025 10:26 PM
नक्सलियों ने किया सरेंडर
Chhattisgarh Naxal Operation: छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र के तीन जिलों में 43 महिला नक्सलियों और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दो सदस्यों समेत 78 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया. इधर नक्सलियों के सरेंडर से गृह मंत्री अमित शाह ने खुश होते हुए कहा- अब केवल तीन जिले की बच गए हैं, जो नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
Chhattisgarh Naxal Operation: बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में 10 महिलाओं समेत 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. उनमें से 16 नक्सलियों पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम है. कांकेर जिले में माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दो सदस्यों और 32 महिला नक्सलियों समेत 50 नक्सलियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक शिविर में आत्मसमर्पण कर दिया. वहीं कोंडागांव जिले में बुधवार को पांच लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है.
नक्सलियों ने 39 हथियार सौंपे
अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने 39 हथियार भी सौंपे, जिनमें सात एके-47 राइफलें, दो ‘सेल्फ-लोडिंग’ राइफलें, चार इंसास राइफलें, एक इंसास ‘एलएमजी (लाइट मशीन गन)’ और एक ‘स्टेन गन’ शामिल हैं. कैडरों में पांच डिविजनल कमेटी सदस्य–प्रसाद ताड़ामी, हीरालाल कोमरा, जुगनू कोवाची, नरसिंह नेताम और नंदे (राजमन मंडावी की पत्नी) हैं. अन्य में 21 एरिया कमेटी सदस्य और 21 पार्टी सदस्य शामिल हैं.
अब केवल तीन जिले ही नक्सलवाद से सर्वाधिक प्रभावित: गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर तीन रह गई है. अब छत्तीसगढ़ में केवल बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह ऐतिहासिक है कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या छह से घटकर तीन रह गई है. उन्होंने कहा कि भारत 31 मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद के खतरे से मुक्त हो जाएगा.
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