कूनो नेशनल पार्क में अब 24 घंटे होगी चीतों की निगरानी, शिवराज सरकार ने इस कारण लिया फैसला

Published by : Pritish Sahay Updated At : 10 Jun 2023 10:12 PM

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हाल के दिनों में जिस तरह कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत हुई है, उससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है. जिसके बाद अब वन विभाग चीतों को लेकर विशेष सावधानी बरत रहा है. कूनो में अब चार दलों की टीम चौबीसों घंटे चीतों की निगरानी करेगी.

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हाल के दिनों में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत के बाद अब प्रशासन अलर्ट हो गया है. प्रशासन चीतों की निगरानी बढ़ा रहा है. साथ ही वहीं रह रहे चीतों की सुरक्षा में भी इजाफा किया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब चौबीसों घंटे चीतों की निगरानी की जाएगी. बताया जा रहा है कि कि इसके लिए कूनो नेशनल पार्क में कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. गौरतलब है कि बीते दिनों नामीबिया से लाए गए चीतों में से एक ज्वाला चीता के दो और शावकों की मौत हो गई थी.

24 घंटे होगी चीतों की निगरानी
हाल के दिनों में जिस तरह कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत हुई है, उससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है. जिसके बाद अब वन विभाग चीतों को लेकर विशेष सावधानी बरत रहा है. कूनो में अब चार दलों की टीम चौबीसों घंटे चीतों की निगरानी करेगी. बता दें, पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर 17 सितंबर को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कुनो छोड़ा गया था. इसके बाद 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीतों को कूनो लाया गया था.

आठ महीनों में चीन शावकों समेत तीन व्यस्क चीतों की मौत
गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क में बीते 8 महीनों 6 चीतों की मौत हु चुकी है. मरने वालों चीतो में 3 व्यस्क चीते और तीन शावक चीते शामिल है. बता दें आठ महीने पहले इन चीतों को कूनो लाया गया था. गौरतलब है कि प्रोजेक्ट चीता के तहत 8 अफ्रीकी चीतों को नामीबिया से भारत लाया गया था. वहीं, कई जानकारों का कहना है कि कूनो में जगह कम पड़ने के कारण चीतों की मौत हो रही है.

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आपसी लड़ाई में गई थी दक्षा चीता की मौत
बता दें, बीते महीने मई में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता दक्षा की कूनो नेशनल पार्क में मौत हो गई थी. दक्षा तीसरी व्यस्क चीचा थी जिसकी कूनो में मौत हुई थी. हालांकि दक्षा चीता की मौत किसी बीमारी से नहीं हुई थी. बताया गया है कि उसकी मौत आपसी लड़ाई में घायल होने के बाद हुई थी. जबकि, इससे पहले बीमारी के कारण दो चीतों साशा और उदय की मौत हुई थी. बता दें, साशा और उदय नामक चीतों को सितंबर 2022 में अलग-अलग जत्थों में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से केएनपी लाया गया था. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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