Chandrayaan-3: अब चांद से कितनी दूर स्थित है चंद्रयान-3, इसरो ने शेयर किया चंद्रयान से भेजी गई चांद की तस्वीर

Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Aug 2023 6:42 PM

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जैसे-जैसे चंद्रयान चांद की कक्षा में प्रवेश कर रहा है उसके सामने चुनौतियां बढ़ती जा रही है. सबसे मुश्किल काम इसरो के लिए चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग को लेकर है. यह इस मिशन का सबसे अहम और सबसे बड़ी चुनौती है.

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चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. इसरो ने चंद्रयान-3 को चांद की सतह के और नजदीक कर दिया है. चांद की कक्षा में परिक्रमा कर रहे चंद्रयान-3 की इसरो ने दूसरी बार ऑर्बिट घटाई है. अब यह चंद्रमा की 174 Km x 1437 Km की परिधि में आ गया है.

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फिलहाल चंद्रयान-3 एक अंडाकार कक्षा में घूम रहा है. 174 km और 1437 km की ऑर्बिट का अर्थ है कि चंद्रयान-3 की चांद से सबसे कम दूरी 174 Km और सबसे ज्यादा दूरी 1437 Km है.चंद्रयान अभी इसी ऑर्बिट पर चांद की परिक्रमा करेगा.

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इसके बाद 14 अगस्त को फिर से यह अपनी ऑर्बिट बदलेगा. बता दें, चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण 14 जुलाई को किया गया था और पांच अगस्त को इसने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था.

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इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह के और नजदीक पहुंच गया है. वैज्ञानिकों ने कहा कि आज की गई प्रक्रिया के बाद चंद्रयान-3 की कक्षा घटकर 174 किमी x 1437 किमी रह गई है. इसने कहा कि अगली प्रक्रिया 14 अगस्त 2023 को सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे के बीच निर्धारित की गई है.

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इसरो ने रविवार को भी चंद्रयान को चांद की कक्षा में नीचे लाए जाने की इसी तरह की प्रक्रिया को अंजाम दिया था. महत्वाकांक्षी मिशन के आगे बढ़ने के साथ ही चंद्रयान-3 की कक्षा को धीरे-धीरे कम करने और इसकी स्थिति चंद्र ध्रुवों के ऊपर करने के लिए इसरो कवायद कर रहा है.

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जैसे-जैसे चंद्रयान चांद की कक्षा में प्रवेश कर रहा है उसके सामने चुनौतियां बढ़ती जा रही है. सबसे मुश्किल काम इसरो के लिए चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग को लेकर है. यह इस मिशन का सबसे अहम और सबसे बड़ी चुनौती है. इसरो सूत्रों के मुताबिक अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के करीब लाने के लिए दो और प्रक्रियाएं की जाएगी.

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उन्होंने कहा कि ये प्रक्रियाएं 14 और 16 अगस्त को 100 किमी की कक्षा तक पहुंचने के लिए की जाएगी, इसके आगे की प्रक्रिया के तहत प्रपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाएगा. इसके बाद लैंडर के धीमे होने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. बता दें, 23 अगस्त को चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव इलाके पर सॉफ्ट लैंडिंग कर सकता है.

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गौरतलब है कि अपने मिशन के दौरान चंद्रयान- तीन 5 अगस्त को चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के संपर्क में आया था. सात ही यह चंद्रमा के गुरुत्व क्षेत्र में स्थापित हो गया था. इसके बाद इसरो ने चंद्रयान-3 की गति को कम कर दिया था ताकी यान को कोई नुकसान न पहुंचे. इश दौरान चंद्रयान ने चांद की काफी सुंदर तस्वीर भी भेजी.

भाषा इनपुट के साथ

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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