बढ़ सकता है लॉकडाउन, राज्यों की सलाह पर विचार कर रही है केंद्र सरकार
Author : ArbindKumar Mishra Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 Apr 2020 4:19 PM
Ghaziabad: A board on urging people to stay at home is seen at Dasna Village during a nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, in Ghaziabad, Tuesday, April 7, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI07-04-2020_000063A)
Coronavirus India Lockdown भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) का मामला लगातार बढ़ता रहा है. संक्रमितों की संख्या तेजी से आगे बढ़ रही है. ताजा अपडेट के अनुसार इस समय देश में 4421 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 114 लोगों की मौत हो गयी है. थोड़ी राहत भरी बात है कि देश में 326 कोरोना मरीज ठीक होकर घर लौट गये हैं.
नयी दिल्ली : भारत में कोरोना वायरस का मामला लगातार बढ़ता रहा है. संक्रमितों की संख्या तेजी से आगे बढ़ रही है. ताजा अपडेट के अनुसार इस समय देश में 4421 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 114 लोगों की मौत हो गयी है. थोड़ी राहत भरी बात है कि देश में 326 कोरोना मरीज ठीक होकर घर लौट गये हैं.
Also Read: राजस्थान में कोरोना ने उड़ाई प्रशासन की नींद, 6 दिन में 5 नये हॉटस्पॉट बने, तबलीगी जमात के बाद स्थिति बिगड़ीइस बीच एक खबर इस समय मीडिया में चल रही है कि लॉकडाउन को केंद्र सरकार आगे बढ़ा सकती है. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के सवाल पर साफ कर दिया कि अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से ऐसी कोई भी खबर नहीं चलाना चाहिए जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी वो 14 अप्रैल को खत्म होने वाला है. जैसे-जैसे दिन करीब आ रहे हैं, खबरें आ रही हैं कि 14 के बाद भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जा सकता है. हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
A lot of state governments, as well as experts, are requesting Central Government to extend the lockdown. Central Government is thinking in this direction: Government sources pic.twitter.com/iDShmLIS8j
— ANI (@ANI) April 7, 2020
दरअसल राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाए. मीडिया में जो खबरें हैं उसके अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया है कि कई सारे राज्यों और विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार से देश में जारी लॉकडाउन को बढ़ाने का आग्रह किया है. केंद्र सरकार राज्यों और विशेषज्ञों की सलाह पर विचार कर रही है.
Also Read: Hroxychloriquine के निर्यात पर भारत ने लगायी रोक, तो ट्रंप को क्यों आया गुस्सा ?दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए लोगों से ‘लंबी लड़ाई’ लड़ने के लिए तैयार रहने की अपील की है.
पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकलने और घातक महामारी के आर्थिक प्रभाव पर लगाम लगाने के लिए योजनाएं बनाएं. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की योजनाएं भी बनाई जाएं.
सरकार ने सभी सांसदों के वेतन में एक वर्ष के लिए 30 फीसदी कटौती करने की भी घोषणा की है और दो वर्षों तक उनके क्षेत्रीय विकास कोष को भी रोक दिया जाएगा जो करीब आठ हजार करोड़ रुपये बनता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिए कि बीमारी ‘स्थानीय समुदाय संचरण’ के चरण में है और कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही काफी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं और संकेत दिए हैं कि उत्तरप्रदेश सहित कुछ इलाकों को पूरी तरह लॉकडाउन से छूट नहीं दी जा सकती है.
Also Read: PM CARES के नाम पर कहीं चूना न लग जाए आपको, FAKE लिंक भेजकर हो रही ठगीतेलंगाना की सरकार ने केंद्र से कहा है कि लॉकडान को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाए वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि किसी को भी यह नहीं मानना चाहिए 15 अप्रैल के बाद राज्य में लॉकडाउन पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
असम की सरकार ने संकेत दिए कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद राज्य में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था लागू की जा सकती है. मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद् को वीडियो कांफ्रेंस से संबोधित करते हुए उनसे कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव से लड़ने के लिए युद्ध स्तर पर व्यवसायिक कामकाज जारी रखने की तैयारी करें. साथ ही उन्होंने कहा कि यह संकट ‘मेक इन इंडिया’ के कदम को आगे बढ़ाने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने का अवसर है.
उन्होंने लॉकडाउन से चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलने के संकेत दिए और कहा कि ‘जो स्थान वायरस संक्रमण का केंद्र नहीं हैं वहां धीरे-धीरे विभागों को खोला जाए. मोदी ने कहा, यह लंबी लड़ाई होने जा रही है. हमें थकना नहीं है या हारा हुआ महसूस नहीं करना है. इस लंबी लड़ाई में हमें जीतना है. हमें विजयी होना है. आज राष्ट्रीय लक्ष्य, मिशन और प्रतिबद्धता एक हैं और कोरोना वायरस महमारी के खिलाफ लड़ाई में हमें जीतना है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










