Caste Census: कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज, आनंद शर्मा ने जाति जनगणना पर नाराजगी जताई, खरगे को लिखा खत
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 25 Mar 2024 6:44 PM
Caste Census: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने जाति जनगणना को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने राहुल गांधी के बयान का विरोध करते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को खत लिखा है.
Caste Census: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में कहा, मेरे विचार में जाति जनगणना रामबाण नहीं हो सकती और न ही बेरोजगारी और प्रचलित असमानताओं का समाधान हो सकती है. मेरी विनम्र राय में इसे इंदिरा जी और राजीव जी की विरासत का अनादर करने के रूप में गलत समझा जाएगा.
जाति जनगणना पर सवाल उठाने वाले आनंद शर्मा के पत्र पर कांग्रेस सांसद डॉ सैयद नसीर हुसैन ने कहा, न जात पर और न पात पर, मुहर लगेगा हाथ पर. उन्होंने आगे कहा, हम अपनी नीतियों के आधार पर वोट मांगते हैं. पार्टी सभी लोगों के साथ खड़ी है. कांग्रेस पार्टी सभी भारतीय की है. जाति जनगणना के आधार पर हम सभी वर्गों के लिए नीतियां बना सकेंगे. जाति-आधारित राजनीति पर हमने ऐसा कुछ नहीं किया है. आनंद शर्मा की चिट्ठी पर उन्होंने कहा, पार्टी में सभी मुद्दों पर चर्चा करने का लोकतंत्र है. सभी अपनी बातें खुलकर रख सकते हैं.
राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लेकर केंद्र पर बोला हमला
दरअसल आनंद शर्मा ने अपनी चिट्ठी में राहुल गांधी के बयानों का विरोध किया है. जिसमें राहुल गांधी लगातार जाति जनगणना की बात करते हैं और इसको लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं. राहुल गांधी ने वादा भी किया है कि अगर केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनती है, तो जाति जनगणना होगी.
आनंद शर्मा के पत्र पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, आनंद शर्मा एक वरिष्ठ नेता हैं. वह सीडब्ल्यूसी के सदस्य भी हैं. इसलिए अगर वह कुछ भी चर्चा करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं.
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के पत्र पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कांग्रेस खुद ही कांग्रेस को बेनकाब कर रही है और गांधी-वाड्रा को आईना दिखा रही है और उन्हें उनका असली चेहरा और पाखंड दिखा रही है.. केवल कुछ वोटों के लिए देश को विभाजित करने के लिए, जिसके लिए वे कभी प्रतिबद्ध नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा, जाति जनगणना को पंडित नेहरू ने रोक दिया था, मंडल आयोग ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का विरोध किया था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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