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BSF: पाकिस्तान से घर लौटा बीएसएफ का जवान, पत्नी के नहीं रुके आंसू, पिता ने लगाया गले

Updated at : 24 May 2025 6:53 AM (IST)
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BSF Jawan Purnam Kumar Shaw

BSF Jawan Purnam Kumar Shaw

BSF: पाकिस्तान से रिहा किए जाने के एक सप्ताह बाद बीएसएफ जवान अपने घर पहुंचा. मीडिया से उसने बात की. उन्होंने कहा, "मुझे अच्छा लग रहा है. मुझे अपने माता-पिता की चिंता थी, इसलिए मैं घर आया और अपने पूरे परिवार से मिला." देखें वीडियो.

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BSF: पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा रिहा किए जाने के बाद बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ 14 मई को भारत लौटे और शुक्रवार शाम अपने घर, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले पहुंचे. उन्हें पाकिस्तान में लगभग तीन हफ्ते तक बंधक बनाकर रखा गया था. इससे पहले दिन में वे हावड़ा स्टेशन पहुंचे, जहां उनके स्वागत के लिए परिवार और शुभचिंतक मौजूद थे. स्टेशन पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे गूंज उठे. लंबे इंतजार के बाद जैसे ही पूर्णम पहुंचे, उनके पिता भोलेनाथ शॉ ने भावुक होकर उन्हें गले से लगा लिया. माहौल भावुक और गर्व से भरा था.

सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत शॉ और उनके परिवार के चारों ओर घेरा बना लिया, क्योंकि सैकड़ों लोग उनसे हाथ मिलाने और उनका अभिवादन करने की कोशिश कर रहे थे. शॉ ने मुस्कुराते हुए मीडिया से कहा, “मैं वापस आकर और अपने प्रियजनों से मिलकर खुश हूं.” इसके बाद शॉ और उनके परिवार को बैटरी से चलने वाली कारों में हावड़ा स्टेशन के नए परिसर से सटे कार पार्किंग स्टैंड तक ले जाया गया.

हमारे इलाके में दिवाली लौट आई, भाई राहुल ने कहा

गृहनगर रिशरा पहुंचने पर पूर्णम का लोगों ने देशभक्ति की धुनें बजा रहे बैंड के साथ स्वागत किया. पूर्णम के घर के पास के स्थानीय क्लब को छोटे-छोटे रंगीन बल्बों की लड़ियों से सजाया गया था. पूर्णम की पत्नी रजनी अपने आंसू नहीं रोक पाईं, जबकि पड़ोसी और परिवार के सदस्य जश्न में मिठाइयां बांट रहे थे. भावुक रजनी ने कहा, “वह (पूर्णम) 17 साल से अर्धसैनिक बल के जवान के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं. वह फिर से सीमा पर लौटेंगे. हमें उन पर गर्व हैं.” उनके भाई राहुल ने कहा, “ऐसा लग रहा है जैसे हमारे इलाके में दिवाली लौट आई है.”

अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौटे थे पूर्णम

पूर्णम 14 मई की शाम को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौटे थे. बीएसएफ कांस्टेबल को 23 अप्रैल को पाकिस्तान रेंजर्स ने उस समय हिरासत में ले लिया था, जब वह अनजाने में पंजाब के फिरोजपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गये थे. पहलगाम में आतंकवादी हमले के ठीक एक दिन बाद पूर्णम के गलती से सीमा पार करने से सीमा पर तनाव और बढ़ गया था.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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