Brij Bhushan Singh: महिला पहलवान से यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह को राहत, POCSO केस बंद

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 26 May 2025 8:14 PM

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Brij Bhushan Sharan Singh

Brij Bhushan Singh: पूर्व WFI अध्यक्ष और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को नाबालिग पहलवान से यौन शोषण मामले में कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज पोक्सो मामले में पुलिस द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है.

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Brij Bhushan Singh: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ स्वीकार कर ली जिसमें भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली एक पहलवान (जब वह अवयस्क थी) द्वारा दायर मामले को रद्द करने की मांग की गई थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोमती मनोचा ने कहा, “मामले को रद्द करना स्वीकार किया गया.”

जज के सामने नाबालिग ने क्लोजर रिपोर्ट का नहीं किया था विरोध

चैंबर के भीतर एक अगस्त 2023 को कार्यवाही के दौरान, ‘नाबालिग’ ने न्यायाधीश से कहा था कि वह मामले में दिल्ली पुलिस की जांच से संतुष्ट है और ‘क्लोजर रिपोर्ट ’का विरोध नहीं करती है.

बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न की झूठी शिकायत का हुआ था खुलासा

दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को लड़की से जुड़े मामले को रद्द करने की मांग करते हुए रिपोर्ट दायर की थी , जब उसके पिता ने जांच के बीच में चौंकाने वाला दावा किया कि उसने लड़की के साथ कथित अन्याय का बदला लेने के लिए बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न की झूठी शिकायत की थी.

पुलिस को यौन शोषण का नहीं मिला कोई ठोस सबूत

पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के मामले को हटाने की सिफारिश की थी लेकिन छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज एक अलग मामले में उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था. पुलिस ने नाबालिग पहलवान से जुड़ी शिकायत को रद्द करने की सिफारिश करते हुए कहा था कि कोई ठोस सबूत नहीं मिला. पॉक्सो अधिनियम में न्यूनतम तीन साल की कैद का प्रावधान है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि मामला किस धारा के तहत दर्ज किया गया है. पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण ने आरोपों से लगातार इनकार किया है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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