अहमदाबाद पुलिस का खुलासा: 'बॉस स्कैम' के पीछे इंटरनेशनल साइबर नेटवर्क, पाकिस्तान-चीन से जुड़े तार
अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत. फोटो-ANI
गुजरात के अहमदाबाद में बॉस स्कैम के जरिए 1.5 करोड़ रुपये ठगे गए, जिसमें पुलिस ने 1.3 करोड़ रुपये बरामद किए. जांच में 4,500 सिम कार्ड, 8 डिवाइस और 251 साइबर शिकायतों का खुलासा हुआ. आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में पाकिस्तान और चीन से तार जुड़ा हुआ है. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
अहमदाबाद पुलिस ने हाई-प्रोफाइल 'बॉस स्कैम' साइबर अपराध मामले में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पिछले 4 से 5 वर्षों से सक्रिय था और पाकिस्तान तथा चीन में बैठे साइबर अपराधियों को साइबर फ्रॉड के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहा था.
पश्चिम बंगाल से दो आरोपी गिरफ्तार
अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले में पश्चिम बंगाल से अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान ऐसे उपकरण बरामद किए, जिनसे एक साथ चार सिम कार्ड चलाए जा सकते थे. आरोपियों के पास करीब 4,500 सिम कार्ड मिले, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था.
इस्लामाबाद से चल रहा था कॉल सेंटर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सिम कार्ड विदेशों में बैठे अपराधियों तक पहुंचाए. इनका इस्तेमाल चीनी मैलवेयर और इस्लामाबाद से संचालित कॉल सेंटर के जरिए साइबर हमलों में किया जाता था. किसी व्यक्ति के लिंक पर क्लिक करते ही ठगी और अवैध पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती थी.
26 राज्यों में 251 शिकायतें
पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ देश के 26 राज्यों में अब तक 251 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. जांच से पता चला कि आरोपी साइबर अपराधियों को ओटीपी भी उपलब्ध कराते थे. अब तक करीब 21,000 ओटीपी दिए जाने की जानकारी सामने आई है और हर ओटीपी के बदले लगभग 100 रुपये लिए जाते थे.
10 हजार डिवाइस नेटवर्क से जुड़े
गिरोह ने करीब 10,000 लैपटॉप और मोबाइल फोन को अपने नेटवर्क से जोड़ा हुआ था. पुलिस ने इन सभी डिवाइस को निष्क्रिय कर दिया है. आरोपियों ने जांच एजेंसियों से बचने के लिए पहले टेलीग्राम और बाद में व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल शुरू कर दिया था.
पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट
CP अनुपम सिंह गहलोत ने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी फाइल को न खोलें और अनजान लिंक पर क्लिक न करें. उन्होंने कहा कि ऐसे लिंक साइबर अपराधियों के लिए अवैध पैसे ट्रांसफर कराने का प्रमुख हथियार बन रहे हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय आरोपियों की तलाश में जुटी है.
ये भी पढ़ें: केदारनाथ मार्ग पर हादसा: तीर्थयात्रियों पर गिरे पत्थर, एक की मौत और दो घायल
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By सत्येन्द्र गिरि
सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.
पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.
सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









