चमोली टनल हादसा: एक और शव बरामद, मृतकों की संख्या 9 हुई; सर्च ऑपरेशन जारी

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चमोली टनल हादसे के बाद लापता मजदूरों की तलाश में जुटी NDRF की टीम. फोटो- PTI

चमोली में हुए टनल हादसे में राहत और बचाव अभियान के तहत एक और लापता कर्मचारी की लाश बरामद हुई है. इसके साथ ही हादसे में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 9 पहुंच गया है. एक मजदूर अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है.

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उत्तराखंड के चमोली में 13 अगस्त की शाम हुए टनल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मंगलवार (18 अगस्त ) को सर्च ऑपरेशन के दौरान एक और लापता कर्मचारी का शव बरामद किया गया. इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है.

गोपेश्वर अस्पताल भेजा गया शव

चमोली जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि मंगलवार को संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान एक शव बरामद हुआ. शव को गोपेश्वर जिला अस्पताल भेज दिया गया है. फिलहाल मृतक की पहचान की प्रक्रिया चल रही है और परिवार को इसकी जानकारी देने की तैयारी की जा रही है.

एक कर्मचारी अभी भी लापता

इस हादसे के बाद लापता हुए दो कर्मचारियों में से अब एक का शव मिल चुका है, जबकि एक कर्मचारी अभी भी लापता है. उसकी तलाश के लिए बचाव दल लगातार टनल और आसपास के इलाकों में अभियान चला रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि लापता कर्मचारी को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लैंडस्लाइड के कारण टनल के अंदर बड़ी मात्रा में मलबा और पानी भर गया था. इसी दौरान वहां काम कर रहे मजदूर हादसे की चपेट में आ गए. हादसे के बाद से ही कई कर्मचारी टनल के अंदर फंसे या लापता बताए गए थे.

SDRF-NDRF समेत कई एजेंसियां जुटीं

रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF, NDRF, ITBP, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगी हुई हैं. हादसे में 12 अन्य कर्मचारी घायल हुए थे, जिनका इलाज कराया गया. लगातार मलबा हटाने और संभावित स्थानों की जांच का काम जारी है.

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सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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