चमोली टनल हादसा: दो लापता मजदूरों की तलाश चौथे दिन भी जारी, हादसे की होगी मैजिस्टीरियल जांच

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NDRF चमोली सुरंग में दो लापता मजदूरों की तलाश कर रही है NDRF की टीम. फोटो- PTI

उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में चौथे दिन भी दो लापता मजदूरों की खोज जारी है. इस हादसे में अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 12 घायल मजदूरों को बचा लिया गया है. घटना के कारणों का पता लगाने के लिए मैजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए गए हैं.

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उत्तराखंड के चमोली जिले में टनल हादसे के बाद लापता दो मजदूरों की तलाश रविवार (16 अगस्त ) को चौथे दिन भी जारी रही. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हादसा 13 अगस्त को हुआ था, जिसके बाद से राहत और बचाव टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.

NDRF-SDRF समेत कई एजेंसियां जुटीं

लापता मजदूरों को खोजने के लिए NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं. टीमें मलबे और पानी के बीच सुरंग के अंदर लगातार खोजबीन कर रही हैं.

मलबे और पानी से भर गई थी निर्माणाधीन

टनल अधिकारियों के मुताबिक, पिपलकोटी में THDC इंडिया लिमिटेड की निर्माणाधीन टनल में बृहस्पतिवार शाम को लैंडस्लाइड के बाद अचानक मलबा और पानी भर गया था. हादसे के समय टनल के अंदर कई मजदूर मौजूद थे.

हादसे में 8 मजदूरों की मौत

इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं, दो मजदूर अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.

हादसे की वजह जानने के लिए मैजिस्टीरियल जांच के आदेश

घटना की परिस्थितियों और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने मैजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए हैं. जांच के बाद हादसे की वजह और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.

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सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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