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ओमिक्रॉन से बचाव के लिए बूस्टर डोज जरूरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ अशोक सेठ ने कहा

Updated at : 15 Dec 2021 9:40 PM (IST)
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ओमिक्रॉन से बचाव के लिए बूस्टर डोज जरूरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ अशोक सेठ ने कहा

Omicron Variant दुनियाभर में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत में भी कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. इस बीच फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ.अशोक सेठ ने ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाव के लिए बूस्टर डोज को जरूरी बताया है.

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Omicron Variant of COVID19 दुनियाभर में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत में भी कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. इस बीच फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ.अशोक सेठ ने ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाव के लिए बूस्टर डोज को जरूरी बताया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ.अशोक सेठ ने कहा कि कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाव के लिए किसी न किसी स्तर पर कोविड वैक्सीन की बूस्टर खुराक की जरूरत पड़ने वाली है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों पर गौर करें तो यह स्पष्ट है कि अगर एक बूस्टर खुराक दी जाती है, तो हम ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ बेहतर रूप से सुरक्षित हो सकते हैं.

बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि हमें लगता है कि ओमिक्रॉन की वजह से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या और मृत्यु दर में तेजी आएगी. डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होनेवालों और अस्पताल में भर्ती मरीजों की क्लिनिकल पिक्चर को पूरा समझने की जरूरत है. इसके लिए अन्य देशों को भी डब्ल्यूएचओ के कोविड क्लिनिकल डेटा प्लैटफॉर्म पर डेटा शेयर करने की जरूरत है.

वहीं, भारत के मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनियाभर में जो तस्वीर सामने आ रही है उसके मुताबिक, ओमिक्रॉन हल्का इंफेक्शन ही फैला रहा है. इसके बावजूद साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप ऐसे लोगों को वैक्सीन का तीसरा या बूस्टर डोज देने के बारे में चर्चा कर रहा है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है या जो हाई रिस्क पर हैं.

उल्लेखनीय है कि भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों की कुल संख्या 56 हो गई है. इनमें महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित राज्य है जहां अब तक कुल 28 मामले मिल चुके हैं. वहीं राजस्थान 13 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है. इसके अलावा गुजरात में 4, कर्नाटक में 3, केरल में 1, आंध्र प्रदेश में1 और दिल्ली में 6 मामले सामने आए हैं. नए वेरिएंट से बढ़ रहे संक्रमण ने सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है. वहीं केंद्र सरकार बूस्टर डोज पर तेजी से काम कर रही है ताकि इस खतरनाक वेरिएंट से निपटा जा सके.

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