BJP vs Congress : अमर सोनार बांगला पर असम में बवाल, बीजेपी बोली– वोट बैंक को लुभाना चाहती है कांग्रेस
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 30 Oct 2025 7:54 AM
कांग्रेस के कार्यक्रम की तस्वीर (Photo: X)
BJP vs Congress : असम के करीमगंज में कांग्रेस कार्यक्रम में “अमर सोनार बांगला” गाने पर विवाद छिड़ गया. पूरे मामले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.
BJP vs Congress : असम के करीमगंज में कांग्रेस की बैठक में कथित तौर पर बांग्लादेश का राष्ट्रगान “अमर सोनार बांगला” गाए जाने पर विवाद हो गया जिसके बाद से बीजेपी हमलावर है. इस घटना पर सत्तारूढ़ बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पर “ग्रेटर बांग्लादेश” का वोट बैंक बनाने की राजनीति करने का आरोप लगाया. मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह घटना वोट बैंक को लुभाने की सोची-समझी कोशिश है. वहीं, कांग्रेस ने सफाई दी कि “अमर सोनार बांगला” बंगाली संस्कृति का अहम हिस्सा है. इसका किसी राजनीतिक मकसद से लेना-देना नहीं है.
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का रिएक्शन मामले पर आया. उन्होंने कांग्रेस पर “तुष्टिकरण की राजनीति” करने का आरोप लगाया. पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस अब खुले तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन कर रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) “जंगलराज” और “शरिया कानून” लागू करने की बात कर रही है, जो संविधान के खिलाफ है. पूनावाला ने कहा कि जब बांग्लादेश भारत को बांटने की बात कर रहा है, तब कांग्रेस उसी देश का समर्थन कर रही है. उन्होंने इसे कांग्रेस और विपक्ष की सोची-समझी रणनीति बताया. पूनावाला ने कांग्रेस नेताओं सैम पित्रोदा और प्रियंक खड़गे के विवादित बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस असम का अपमान कर बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन करती है, और दूसरी तरफ जब केंद्र सरकार अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर करती है, तब कांग्रेस इस प्रक्रिया का विरोध कर लोगों को भ्रमित करती है.
पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस कार्यक्रम में “अमर सोनार बांगला” गाए जाने की घटना को भारतवासियों का अपमान बताया. मुख्यमंत्री ने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दो दिन पहले श्रीभूमि जिला कांग्रेस समिति ने भारत के राष्ट्रगान की जगह बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाया, जो देश के सम्मान के खिलाफ है. सरमा ने कहा कि यह कदम उन बांग्लादेशी लोगों के दावे से मेल खाता है जो पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश का हिस्सा बताने की बात कर रहे हैं.
Amar Sonar Bangla song penned by Tagore in 1905 to protest Bengal’s partition by British. First 10 lines adopted as Bangladesh national anthem only in 1971. “Amar Sonar Bangla”is an emotion for all us Bengalis. Neither saffron chaddis nor their paid troll media will ever get it!
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) October 29, 2025
कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पार्टी नेताओं का बचाव करते हुए कहा कि “अमर सोनार बांगला” रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गीत है, जो बंगाली संस्कृति और भावनाओं को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इसे राजनीति से जोड़ना गलत है, क्योंकि यह गीत सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, न कि किसी देश या विचारधारा का समर्थन. इसी बीच, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने कहा कि “अमर सोनार बांगला” बंगालियों की भावना है, जिसे रवींद्रनाथ टैगोर ने 1905 में ब्रिटिश सरकार द्वारा बंगाल विभाजन के विरोध में लिखा था. उन्होंने बताया कि इसके शुरुआती 10 पंक्तियों को 1971 में बांग्लादेश के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया. महुआ मोइत्रा ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “अमर सोनार बांगला हम सभी बंगालियों की भावनाओं से जुड़ा गीत है.”
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










