वित्तीय सुरक्षा की कमी देश में बुजुर्गों की बड़ी समस्या, इन राज्यों में है बेहतर स्थिति

सरकार ने बुधवार को भारत में बुजुर्गों के जीवन से संबंधित एक इंडेक्स जारी किया,जिससे इस बात का पता चलता है कि देश में बुजुर्गों की स्थिति कैसी है. बुजुर्गों की स्थिति का आकलन करने के लिए यह सूचकांक जारी किया गया है.
80 साल की वृद्ध महिला, उसके दो बेटे उसे घर से निकाल कर इतना मार रहे हैं कि महिला बदहाल हो जाती है. उसके कपड़े तक फट जाते हैं लेकिन बेटों को दया नहीं आती वे उसे लात-घूंसों से मारते रहते हैं. यह घटना उस स्थिति को बयान करती है जिस स्थिति में देश के बुजुर्ग रह रहे हैं.
सरकार ने बुधवार को भारत में बुजुर्गों के जीवन से संबंधित एक इंडेक्स जारी किया,जिससे इस बात का पता चलता है कि देश में बुजुर्गों की स्थिति कैसी है. बुजुर्गों की स्थिति का आकलन करने के लिए यह सूचकांक जारी किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष विवेक देबरॉय ने इस सूचकांक को जारी किया. इस अध्ययन का उद्देश्य देश में बुजुर्गों की समस्याओं पर विचार करना और उनका समाधान करना है. अध्ययन में पाया गया है कि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और चंडीगढ़ ऐसे राज्य हैं जहां वृद्धों की संख्या सबसे ज्यादा है.
अध्ययन में वृद्धों के वित्तीय सुरक्षा, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य प्रणाली और आय सुरक्षा पर फोकस किया गया. आय सुरक्षा की बात करें तो राष्ट्रीय औसत 33.03 का है, वित्तीय कल्याण सूचकांक 44.7, भारत में स्वास्थ्य प्रणाली का स्कोर 66.97 और सामाजिक कल्याण का स्कोर 62.34 है.
अध्ययन में पाया गया है कि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और चंडीगढ़ ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं जहां बुजुर्गों का जीवन सबसे बेहतर है.
देबरॉय ने कहा कि भारत को युवा देश के रूप में चित्रित किया जाता है, लेकिन यह एक सच्चाई है कि देश में वृद्ध हैं और उनकी समस्याएं भी महत्वपूर्ण हैं और जिनका सामना हम कर रहे हैं. आर्थिक सुरक्षा नहीं होने की वजह से कई बार बुजुर्गों की स्थिति बदतर हो जाती है.
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Posted By : Rajneesh Anand
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