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Babarpur Vidhan Sabha: गोपाल राय की तीसरी बार जीत की राह में है कई मुश्किलें

Updated at : 22 Jan 2025 1:01 PM (IST)
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Babarpur Vidhan Sabha: गोपाल राय की तीसरी बार जीत की राह में है कई मुश्किलें

पिछला दो चुनाव गोपाल राय बड़े अंतर से जीत रहे हैं. लेकिन इस बार कांग्रेस और भाजपा ने मजबूत प्रत्याशी उतारकर गोपाल राय के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है. कांग्रेस और भाजपा का आरोप है कि दिल्ली सरकार में मंत्री होने के बावजूद गोपाल राय ने इलाके में विकास का काम नहीं किया.

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Babarpur Vidhan Sabha: दिल्ली का बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र हॉट सीट है. इस सीट से आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक एवं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय चुनाव लड़ रहे हैं. तीसरी बार जीत की कोशिश में लगे गोपाल राय की राह इस बार आसान नहीं दिख रही है. वजह है इलाके का सियासी समीकरण. इस क्षेत्र में लगभग 35-40 फीसदी आबादी मुस्लिमों की है. हिंदुओं में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है. इसके अलावा पूर्वांचली और दलित मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं. मुस्लिम आबादी को देखते हुए कांग्रेस ने सीलमपुर से आप के विधायक रहे इशराक खान को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने ब्राह्मण उम्मीदवार अनिल वशिष्ठ को प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है. पूर्व में भी कांग्रेस दो बार इस क्षेत्र से मुस्लिम प्रत्याशी उतार चुकी है, लेकिन चुनाव नहीं जीत सकी.

हालांकि दोनों बार कांग्रेस कम अंतर से चुनाव हारी. एक बार फिर कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार उतारने से गोपाल राय की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है. वहीं इस क्षेत्र में भाजपा की पकड़ मजबूत रही है और अब तक सात चुनाव में चार बार पार्टी को जीत मिली है. वैसे इस विधानसभा से अब तक कोई भी पार्टी लगातार तीसरी बार चुनाव नहीं जीत सका है. पिछला दो चुनाव गोपाल राय बड़े अंतर से जीत रहे हैं. लेकिन इस बार कांग्रेस और भाजपा ने मजबूत प्रत्याशी उतारकर गोपाल राय के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है. कांग्रेस और भाजपा का आरोप है कि दिल्ली सरकार में मंत्री होने के बावजूद गोपाल राय ने इलाके में विकास का काम नहीं किया. क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है. आम आदमी पार्टी को भरोसा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण एक बार फिर गोपाल राय आसानी से चुनाव जीत जायेंगे.


स्थानीय समस्याओं से परेशान हैं लोग

बाबरपुर विधानसभा का कबीर नगर, कर्दमपुरी और सुभाष मोहल्ला वार्ड सीएए कानून को लेकर हुए दंगे का दंश झेल चुका है. इसके कारण मुस्लिमों में आम आदमी पार्टी के खिलाफ नाराजगी है. इसका नुकसान गोपाल राय को हो सकता है. क्योंकि निगम चुनाव में भी मुस्लिम मतदाताओं कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था. एक वार्ड में कांग्रेस बड़े अंतर से चुनाव जीतने में कामयाब हुई थी. जबकि दो वार्ड पर भाजपा और एक वार्ड पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है. इसके अलावा इलाके में जर्जर सड़क, जलभराव और ट्रैफिक की समस्या है. स्थानीय लोग साफ-सफाई नहीं होने और कूड़े की समस्या से परेशान है.

कर्दमपुरी के रहने वाले मोहम्मद इस्माइल का कहना है कि सड़कों की स्थिति बेहद जर्जर है और आए दिन लोग हादसे का शिकार होते रहते हैं. शिकायत करने पर सड़कों की थोड़ी मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन फिर कुछ दिन वह टूट जाती है. लोगों के बार-बार शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. स्थानीय निवासी सुभाष शर्मा का कहना है कि हर जगह कूड़े का ढेर लगा सकता है. इसकी नियमित सफाई नहीं होने से लोग गंदगी में जीने को मजबूर हैं. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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