Ayushman Bharat : गरीबों की बढ़ने वाली है टेंशन, आयुष्मान भारत योजना से अलग हो रहे कई प्राइवेट अस्पताल
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Jun 2025 9:49 AM
Ayushman Bharat
Ayushman Bharat : नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के अनुसार, पिछले चार महीनों में आयुष्मान भारत योजना में 443 अस्पताल शामिल हुए. इनमें जनवरी में 161, फरवरी 187, मार्च 40 और अप्रैल में 55 अस्पताल इस सरकारी योजना के तहत आए.
Ayushman Bharat : आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) में सूचीबद्ध होने वाले अस्पतालों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है. 2024 की तुलना में 2025 में नए अस्पतालों के जुड़ने की रफ्तार काफी धीमी है. सूत्रों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर प्रकाशित की है. खबर के अनुसार, इसकी प्रमुख वजह भुगतान में हो रही देरी बताई जा रही है. हालांकि, सरकार की ओर से इस विषय में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने बताया कि बीते चार महीनों में आयुष्मान भारत योजना में केवल 443 अस्पताल शामिल हुए हैं. जनवरी में 161, फरवरी में 187, मार्च में 40, अप्रैल में 55 और हाल ही में 20 अस्पताल योजना के तहत जोड़े गए. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में जहां हर महीने औसतन 316 अस्पताल जुड़ रहे थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा घटकर 111 रह गया है.
प्राइवेट अस्पताल क्यों नहीं ले रहे सरकारी योजनाओं में रुचि
रिपोर्ट के अनुसार, कम पैकेज रेट और भुगतान में देरी प्रमुख कारण हैं. यही वजह है कि प्राइवेट अस्पताल सरकारी योजनाओं में रुचि नहीं ले रहे. NHA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों का जुड़ना जारी है. यह भी संभव है कि नए सिस्टम पर ट्रांसफर होने की वजह से ताजे आंकड़े अभी अपडेट न हुए हों, जिससे वास्तविक संख्या कम दिखाई दे रही हो.
609 प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से हुए अलग
बातचीत के क्रम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के एक पदाधिकारी ने कहा कि पैकेज रेट्स को कम से कम CGHS स्तर तक बढ़ाया जाना चाहिए. IMA ने भी रेट बढ़ाने पर जोर दिया है. यहां चर्चा कर दें कि 2018 से अब तक 609 प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से अलग हो चुके हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










